बोलता सच : बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब गहराते हुए चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का रूप ले चुका है। रविवार देर रात यह तूफान और प्रबल हुआ और सोमवार सुबह तक आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में इसका असर दिखने लगा। इसके चलते आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और केरल में सोमवार से ही भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात मोंथा मंगलवार सुबह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और शाम या रात तक यह मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
प्रधानमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा, एनडीआरएफ तैनात
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नायडू से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। आईटी मंत्री नारा लोकेश को पीएमओ से समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (RTGS) के तहत आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा बैठक भी की।
राज्य सरकार ने पहले ही 50 हजार से अधिक लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
आईएमडी ने तटीय राज्यों के मछुआरों को अगले पांच दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। सोमवार दोपहर 2:30 बजे तक चक्रवात बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था, जो चेन्नई से 440 किमी, काकीनाडा से 490 किमी, विशाखापत्तनम से 530 किमी और ओडिशा के गोपालपुर से 710 किमी की दूरी पर था। तूफान लगभग 17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
आपातकालीन कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
आंध्र और ओडिशा के तटीय जिलों में आपातकालीन कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। खराब मौसम को देखते हुए कई स्थानों पर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। तमिलनाडु सरकार ने भी नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत के पूर्वी तट पर इस तरह के चक्रवात सामान्य हैं, लेकिन ‘मोंथा’ की तीव्रता को देखते हुए खतरा अधिक है।
ओडिशा: आठ जिलों को रेड जोन घोषित
ओडिशा में सरकार ने 123 अग्निशमन इकाइयां तैनात की हैं और आठ जिलों को रेड जोन घोषित किया है। ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की टीमें नावों, मोटर राफ्ट, पावर आरी और जनरेटर से लैस होकर तैनात हैं। सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और निर्देश दिए गए हैं कि यदि चक्रवात की दिशा बदले, तो तत्काल राहत अभियान शुरू किया जाए।
तेलंगाना: दो दिन भारी वर्षा की चेतावनी
तेलंगाना में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि पेड्डापल्ली, जयशंकर भूपलपल्ली, आदिलाबाद, कोमाराम भीम और आसपास के जिलों में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा हो सकती है।
केरल: दो लोगों की मौत, कई जिले अलर्ट पर
केरल में सोमवार को तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलप्पुझा में नाव पलटने से एक मछुआरे की मौत हो गई, जबकि अंगमाली के पास मुकनूर में बिजली गिरने से पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति की जान चली गई। मौसम विभाग ने कोझिकोड, कासरगोड, कन्नूर, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तमिलनाडु: चेन्नई सहित चार जिलों में मूसलाधार बारिश
तमिलनाडु में चेन्नई, रानीपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में सोमवार को दिनभर भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक इन इलाकों में बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जबकि विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पश्चिम बंगाल: पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका
‘मोंथा’ के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। दक्षिण बंगाल के 24 परगना, मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भी मंगलवार से शुक्रवार तक भारी बारिश की संभावना है।
चक्रवात ‘मोंथा’ की दिशा लगातार उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रही है और अगले 48 घंटों में इसके समुद्र से टकराने के साथ तीव्र होने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्क रहें और आपदा नियंत्रण कक्ष के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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