डीआईजी एस. चनप्पा ने ‘मिशन शक्ति’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा पर बोलते हुए डीआईजी ने इसे जीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की अपील की। साथ ही तेज रफ्तार, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाने और नशे की हालत में ड्राइविंग से बचने की सलाह दी। उन्होंने छात्रों से यातायात नियमों का स्वयं पालन करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कार्यक्रम के दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 और 1091 नंबरों पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न को छिपाएं नहीं, बल्कि निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें।
सीओ संजय कुमार रेड्डी ने साइबर अपराधों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी के माध्यम से ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी किसी से साझा न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर देने की सलाह दी।
कार्यक्रम में आत्मरक्षा के सरल उपायों, महिलाओं को सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वावलंबी बनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक सोनू केजरीवाल, प्रवीण केडिया, प्रेमनाथ कुशवाहा, प्रधानाचार्य नंदराम प्रजापति सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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