बोलता सच : देवरिया जिले में चल रही संपत्ति सुलह योजना का सकारात्मक असर सामने आया है। जिले में अब तक 80 परिवारों ने आपसी सहमति और संवाद के जरिए अपने जमीनी और पारिवारिक विवाद सुलझा लिए हैं, जिससे न सिर्फ परिवारों में शांति बहाल हुई, बल्कि एसडीएम कोर्ट का बोझ भी कम हुआ है।
प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य लंबित पारिवारिक संपत्ति विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालना है। तहसील स्तर पर अधिकारियों की देखरेख में दोनों पक्षों को बैठाकर समझौते की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल जैसे अधिकारी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जिन मामलों में अदालतों में वर्षों से सुनवाई लंबित थी, वे भी अब आपसी समझौते से हल हो रहे हैं।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इसे आपसी भाईचारे और न्यायिक बोझ कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सामंजस्य और विश्वास की भावना मजबूत करते हैं।
इस योजना से प्रभावित होकर अन्य परिवार भी आगे आकर स्वेच्छा से सुलह प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किया जा सकता है।
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