बोलता सच देवरिया : उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में योगी सरकार के ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस दिशा में गोरखपुर स्थित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए 21 सितंबर को एक भव्य कार्यशाला का आयोजन करने जा रही है, जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
विकास के रोडमैप पर मंथन का मंच
यह कार्यशाला गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) में आयोजित होगी, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। कार्यशाला का विषय है – ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’, जिसके तहत प्रदेश के विकास की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
मुख्य अतिथि और विशेषज्ञों की उपस्थिति
इस विचार मंथन में मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने “प्रदेश के विकास को दिशा देने वाला व्यावहारिक मंच” बताया है।
डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश के विकास में हर व्यक्ति और हर संस्था की जिम्मेदारी अहम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता इस विकास यात्रा की सहभागी है।
प्रदेशव्यापी संवाद का अभियान
‘समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान के अंतर्गत विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने विभिन्न वर्गों से संवाद किया। इसमें छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, किसान, स्वयंसेवी संगठन और श्रमिक संगठन शामिल रहे। संवाद का उद्देश्य था – जन भागीदारी से भविष्य की दिशा तय करना और सुझाव प्राप्त करना।
फीडबैक पोर्टल पर उमड़ा जनसैलाब
सरकार द्वारा जारी पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 2.25 लाख से अधिक फीडबैक दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से:
-
ग्रामीण क्षेत्र से: 1.55 लाख
-
नगरीय क्षेत्र से: 70,000
आयु वर्ग के अनुसार सुझाव:
-
31 वर्ष से कम आयु वर्ग: 77,000
-
31–60 वर्ष: 1.14 लाख
-
60 वर्ष से अधिक: 30,000 से अधिक
जनता की प्राथमिकता: शिक्षा
अभियान के तहत मिले फीडबैक में शिक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर रहा, जिससे जुड़ी 74,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। अन्य क्षेत्रों से मिले सुझाव:
-
कृषि: 32,000+
-
नगरीय एवं ग्रामीण विकास: 40,000
-
स्वास्थ्य और समाज कल्याण: 18,000-18,000
सक्रिय जिलों की सूची
फीडबैक देने में अग्रणी रहे जिले हैं:
-
एटा
-
मेरठ
-
मुजफ्फरनगर
-
सहारनपुर
-
शाहजहांपुर
-
मैनपुरी
-
कानपुर देहात
-
हरदोई
इन जनपदों से 78,500 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं, जो दिखाता है कि आमजन इस अभियान को लेकर कितने जागरूक और संलग्न हैं।
ये भी पढ़े : सतरांव गांव में दर्दनाक हादसा: पोखरी में डूबने से दो मासूमों की मौत, बहनों ने बचाने की कोशिश में लगाई छलांग
➤ You May Also Like























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































2 thoughts on “गोरखपुर में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ पर कार्यशाला: योगी सरकार के विजन को साकार करने की पहल”