पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 4 फरवरी को बनकटा थाने में लिखित तहरीर देकर आपबीती बताई थी। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और इस दौरान उसकी अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। बाद में आरोपी ने इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया और बार-बार यौन शोषण करता रहा।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी की धमकियों के चलते वह लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलती रही। समाज में बदनामी और डर के कारण वह पहले पुलिस के पास नहीं जा सकी। हालात जब असहनीय हो गए, तब उसने हिम्मत जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बनकटा पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (दुष्कर्म), धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67A के तहत केस पंजीकृत किया। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में मौजूद है। इस पर 5 फरवरी 2026 को इंगुरी सराय ढाला के पास से नितेश पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी द्वारा बनाए गए अश्लील फोटो और वीडियो कहां-कहां साझा किए गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या सामग्री किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई थी या किसी तीसरे व्यक्ति तक पहुंचाई गई है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक संजील सुमध ने बताया कि डिजिटल माध्यमों के जरिए किए जाने वाले यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों पर पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि इस तरह के किसी भी मामले में डरें नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।