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बिहार की सियासत में ‘खेला’ की चर्चा तेज: जेडीयू का दावा—राजद के 18 विधायक संपर्क में, आरजेडी ने बताया अफवाह

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Discussion of 'Khela' intensifies in Bihar politics
बोलता सच,पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘खेला’ होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार सियासी गलियारों में चर्चा राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को लेकर है। दावा किया जा रहा है कि खरमास के बाद राजद में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो सकता है और पार्टी के कई विधायक पाला बदल सकते हैं। इन चर्चाओं को जेडीयू ने हवा दी है, जबकि आरजेडी ने इसे बीजेपी-जेडीयू की आपसी डराने की राजनीति करार दिया है।

राज्यसभा की पांच सीटों पर एनडीए की नजर: जेडीयू

बिहार से अगले साल राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने जा रही हैं। इनमें दो सीटें जेडीयू, दो राजद और एक सीट बीजेपी के खाते में है, जिस पर फिलहाल उपेंद्र कुशवाहा सांसद हैं। जेडीयू का दावा है कि एनडीए इन सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
एक मीडिया हाउस से बातचीत में जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि महागठबंधन, खासकर राजद के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता ने एनडीए को प्रचंड जनादेश दिया है। “हमारे लिए लहर है और तेजस्वी यादव के लिए कहर। राजद के विधायक बेचैन हैं और कई हमारे संपर्क में हैं,” नीरज कुमार ने कहा।

तेजस्वी से हताश हैं राजद विधायक: जेडीयू का आरोप

जेडीयू प्रवक्ता मनीष यादव ने दावा किया कि आरजेडी में भगदड़ तय है और पार्टी नेतृत्वविहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव में नेतृत्व क्षमता नहीं है और चुनाव हारने के बाद वह बिहार से गायब हैं। “राजद के विधायक तेजस्वी से निराश और हताश हैं, इसलिए वे जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं,” मनीष यादव ने कहा।
जेडीयू के इस दावे में बीजेपी भी सुर मिलाती नजर आई। बीजेपी विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि आरजेडी अब नेतृत्वविहीन हो चुकी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व से प्रभावित होकर कई राजद विधायक एनडीए में आना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था, तब तेजस्वी यादव विदेश में थे, ऐसे में विधायक क्यों न पार्टी छोड़ें।

जेडीयू की तीसरी राज्यसभा सीट पर भी नजर

सूत्रों के अनुसार, जेडीयू की नजर राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी है। वर्तमान में बिहार विधानसभा में बीजेपी के 89 और जेडीयू के 85 विधायक हैं। अगर जेडीयू राजद के 18 विधायकों को अपने पाले में कर लेती है तो उसके विधायकों की संख्या 103 हो जाएगी और वह विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। इसके बाद जेडीयू की नजर पांचवीं राज्यसभा सीट पर भी होगी, जिसके लिए उसे चिराग पासवान की पार्टी और बीजेपी के अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

आरजेडी का पलटवार

बीजेपी-जेडीयू के दावों पर आरजेडी ने कड़ा पलटवार किया है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि जेडीयू और बीजेपी एक-दूसरे को डरा रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 202 का आंकड़ा मिलने के बाद भी ये दल जोड़तोड़ की राजनीति में लगे हुए हैं। “अगर ये कह रहे हैं कि राजद के 18 विधायक उनके संपर्क में हैं, तो साफ है कि उनके खेमे में ही खींचतान चल रही है,” शक्ति यादव ने कहा।
फिलहाल बिहार की राजनीति में इन अटकलों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है और सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वाकई राजद में कोई बड़ा ‘खेला’ होने वाला है या यह सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है।

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