कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रतियोगिता में शामिल रसोइयों द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों का अवलोकन किया और उनका स्वाद भी चखा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का अहम आधार है, इसलिए यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक, स्वच्छ और सुरक्षित होना चाहिए। उन्होंने रसोइयों को विद्यालयी व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से चयनित 30 रसोइयों में से 28 ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने निर्धारित समय में संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार कर अपनी पाक-कला का प्रदर्शन किया। भोजन पकाने की विधि, स्वच्छता, सुरक्षा मानक, पोषण मूल्य और स्वाद के आधार पर निर्णायक समिति ने मूल्यांकन किया।
निर्णायक समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज देवरिया की प्रधानाचार्या स्वाती तिवारी, बाबू बैजनाथ सिंह महाविद्यालय की गृह विज्ञान प्रवक्ता खुशबू मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्रा, जिला चिकित्सालय की डॉ. सृष्टि सिंह, वियान्ड फ्लेवर होटल के शेफ भेषराज खनल तथा छात्र प्रतिनिधि शामिल रहे।
परिणामों की घोषणा करते हुए निर्णायक समिति ने प्राथमिक विद्यालय पिपरा खेमकरन, विकास खंड भलुअनी की लक्ष्मी देवी को प्रथम स्थान, सतासी इंटर कॉलेज, विकास खंड रुद्रपुर की संगीता देवी को द्वितीय स्थान तथा कम्पोजिट विद्यालय वंशहिया, विकास खंड गौरीबाजार की सरिता देवी को तृतीय स्थान प्रदान किया। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ल और संजय मिश्र ने किया। इस अवसर पर देवमुनि वर्मा, दुर्गेंद्र प्रताप सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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