बोलता सच,लखनऊ : योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन इकॉनमिक सर्वे 2026 पेश किया, जिसमें उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज़ विकास पथ पर अग्रसर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की जीडीपी 30 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में इसके 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान जताया गया है। निर्यात के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है और अब देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। सर्वे में प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद के रूप में भी दर्शाया गया है।
वित्त मंत्री ने सदन में पेश की आर्थिक समीक्षा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ा निवेश किया है।
आर्थिक सर्वे के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 46,728.48 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। यह राज्य के कुल बजट का 6.1 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आम जनता को राहत
आरबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सर्वे में बताया गया है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यय बढ़ने से आम लोगों का आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च घटा है। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुई हैं।
संस्थागत प्रसव में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वे के अनुसार, जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के प्रभाव से प्रदेश में संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में 34.74 लाख संस्थागत प्रसव हुए थे, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 41 लाख हो गए। वहीं गैर-संस्थागत प्रसव की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
टीकाकरण में बड़ी उपलब्धि
प्रदेश ने टीकाकरण के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की है। आर्थिक सर्वे के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 0 से 5 वर्ष तक के 100 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। इसके तहत 12 गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए निःशुल्क टीकाकरण सुनिश्चित किया गया।
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 तक जहां 36 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं 2025 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 81 हो गई है, जिनमें 45 सरकारी और 36 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
सामाजिक सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
आर्थिक सर्वे के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिए वर्ष 2025-26 में 34,504 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेलो इंडिया सेंटर, कन्या सुमंगला योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे स्टेट के रूप में पहचान मिली है। प्रदेश में 90 राष्ट्रीय राजमार्ग, 24 हवाई अड्डे और 11 राष्ट्रीय जलमार्ग मौजूद हैं। जेवर एयरपोर्ट के संचालन के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे।
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