देवरिया बोलता सच संवाददाता। मौसम में बढ़ती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मेडिकल कालेज में गर्मी से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। ईएनटी विभाग की ओपीडी में नाक से खून की समस्या से ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ गई है। चिकित्सक लगातार लोगों को परीक्षण कर उचित परामर्श दे रहे हैं। साथ ही प्रीकॉशन भी बात रहे हैं। गर्मी की तपिश विभिन्न बीमारियों को जन्म दे रही है। जरा सी लापरवाही पर डिहाइड्रेशन हो जा रहा है। इसके अलावा बीपी के रोगियों में रक्तचाप बढ़ना आम बात हो गई है। इसके साथ ही नाक, कान व गला रोग विभाग में भी गर्मी की तपिस से परेशान रोगी आने लगे हैं।
ओपीडी में आने वाले रोगियों में से लगभग 25-30 रोगी नाक से खून की समस्या से ग्रस्त होते हैं। इसमें भी बच्चों की संख्या अधिक होती है। ईएनटी ओपीडी में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. आबिद ने बताया कि गर्मियों में अक्सर नाक में पपड़ी जम जाती है। बच्चे इस पपड़ी को अपनी अंगुलियों से निकालने की कोशिश करते हैं। इसके चलते उनकी नाक से खून गिरने लगता है। इसे स्थानीय तौर पर विनाश फूटना भी कहते हैं। इसके चलते अभिभावक परेशान हो जाते हैं। बच्चों को लेकर चिकित्सक के पास जाते हैं। डॉक्टर ने बताया कि अभिभावक बच्चों का नाखून काटकर छोटा रखें। अगर बच्चा नाक में अंगुली करता दिखाई दे, तो तुरंत उसे रोकें, समझाएं। वहीं बड़ों जो ब्लड प्रेशन के रोगी होते हैं। कई बार गर्मी के चलते उनकी नाक से खून गिरने लगता है। इससे बचने के लिए बड़ों को गर्मी से बचाव के उपाय करने चाहिए।
महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नाक कान गला रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कहा, गर्मियों में हवा में पानी में नमी नहीं होती है। बच्चे स्कूल आते जाते हैं तो उनको गर्म हवा लगती है। इससे खून की नली फट जाती है। गर्मियों में खून की नली चौड़ी हो जाती है। खून गाढ़ा हो जाता है। प्रवाह तेज हो जाता है। इससे भी नली फट जाती है। अभिभावकों को चाहिए की बच्चों को खूब पानी पिलाएं। मास्क लगाकर स्कूल भेजें। नाखनू काटते रहें। नाक में अंगुली नहीं करने दें। अगर खून आता है तो अपने अंगूठे और इसके बगल वाली अंगुली से नाक को कुछ देर हल्के से दबाएं। फिर छोड़ दें। खून बंद हो जाएगा। इसके बाद डॉक्टर को अवश्य दिखाएं। जरा सी लापरवाही कठिनाई उत्पन्न कर सकती है।
कान बहने की बढ़ी समस्या ईएनटी की ओपीडी में जेआर डॉ. निधि शर्मा ने बताया कि गर्मियों तापमाान के उतार चढ़ाव से सर्दी जुकाम हो जाता है। इससे कान भी प्रभावित होता है। कई इसके चलते कान बहने लगता है। अक्सर बहने की समस्या से पीड़ित लोगों में तो सामान्यत: यह दिक्कत पेश आती है। लोगों को गर्मियों की दोपहर में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर आवश्यक हो तो धूप से बचाव के पर्याप्त उपाय करके ही निकलें। दोपहर में बच्चों को बिल्कुल बाहर नहीं जाने दें
इसे भी पढ़ें- लू से बचाव को लेकर प्रशासन मुस्तैद, डीएम ने दिए दिशा-निर्देश
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































