बोलता सच,नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के करीब पांच महीने बीत जाने के बावजूद जगदीप धनखड़ को अब तक सरकारी आवास आवंटित नहीं किया गया है। उनके करीबी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। धनखड़ ने इस वर्ष संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफे के कुछ सप्ताह बाद सितंबर 2025 में उन्होंने अपना आधिकारिक आवास ‘उपराष्ट्रपति एन्क्लेव’ खाली कर दिया था। इसके बाद वे दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक निजी फार्महाउस में रहने लगे। बताया जा रहा है कि यह फार्महाउस इनेलो नेता अभय चौटाला का है, जो छतरपुर के गदईपुर क्षेत्र में स्थित है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जगदीप धनखड़ ने 22 अगस्त को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपतियों को मिलने वाले आधिकारिक आवास की मांग की थी। हालांकि, उनके करीबी लोगों का कहना है कि अब तक उन्हें वह सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसके वे नियमों के तहत हकदार हैं।
नियमों के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति को कई सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें करीब दो लाख रुपये प्रतिमाह की पेंशन, टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला, एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक डॉक्टर, एक नर्सिंग अधिकारी और चार निजी परिचारक शामिल हैं। वहीं, पूर्व उपराष्ट्रपति के निधन के बाद उनके जीवनसाथी को टाइप-7 श्रेणी का आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
पूर्व उपराष्ट्रपति को अब तक आवास न मिलने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
इसको भी पढ़ें : दुनिया में अनोखा भारतीय नौसेना का जहाज INSV कौंडिन्य ओमान यात्रा पर रवाना, पीएम मोदी ने की सराहना
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































