NIDMS का उद्देश्य इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से जुड़ी सूचनाओं को व्यवस्थित रूप से एकत्र करना, एकीकृत करना और साझा करना है। यह प्लेटफॉर्म देशभर में होने वाली IED घटनाओं से जुड़े डेटा के लिए एक यूनिफाइड रिपॉजिटरी के रूप में काम करेगा।
कैसे सुरक्षा कवच बनेगा NIDMS
NIDMS सभी राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को IED से जुड़े डेटा को सिस्टमैटिक तरीके से इकट्ठा करने और साझा करने में मदद करेगा। यह सिस्टम ब्लास्ट के बाद की जांच, फॉरेंसिक विश्लेषण और अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा।
देश में कहीं भी होने वाली किसी भी IED घटना या धमाके की जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जा सकेगी। इससे विभिन्न राज्यों के जांच अधिकारियों को ऑपरेशनल गाइडेंस, पुराने मामलों के पैटर्न और अहम जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
जांच एजेंसियों को मिलेगा सिंगल-क्लिक एक्सेस
NIDMS को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह जांच एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी संगठनों के लिए सिंगल-क्लिक डेटा एक्सेस विंडो के रूप में काम करे। इससे केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों, एंटी-टेरर यूनिट्स और CAPF को जरूरी डेटा तुरंत मिल सकेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह डेटा-ड्रिवन और यूनिफाइड अप्रोच जांचकर्ताओं को पैटर्न पहचानने, ट्रेंड्स को ट्रैक करने और पिछली घटनाओं से सबक लेने में मदद करेगी। इससे IED खतरों के प्रति देश की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी।
क्यों जरूरी था NIDMS
IED देश के कई हिस्सों में लंबे समय से एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। आतंकवादी और उग्रवादी संगठन अक्सर इनका इस्तेमाल सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए करते हैं। NIDMS का शुभारंभ सरकार के उस फोकस को दर्शाता है, जिसमें टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स के जरिए आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भविष्य में और विकसित किया जाएगा। इसमें नए डेटासेट और एडवांस एनालिटिकल टूल्स जोड़े जाएंगे, ताकि उभरती सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और भारत का काउंटर-IED इकोसिस्टम और अधिक सशक्त बने।
1 thought on “भारत को मिला नेशनल IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम, अमित शाह ने किया NIDMS का उद्घाटन”