सूत्रों के अनुसार, जसप्रीत बुमराह को हल्का बुखार है, जिसके चलते टीम प्रबंधन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। अमेरिका के खिलाफ भारतीय टीम को मजबूत दावेदार माना जा रहा है और इस मैच के एकतरफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट का मानना है कि शुरुआती मुकाबले में बुमराह को आराम देकर उन्हें टूर्नामेंट के अहम और कठिन मैचों के लिए पूरी तरह फिट रखा जाए।
शुक्रवार को बुमराह के नेट अभ्यास में शामिल न होने के बाद उनके पहले मुकाबले से बाहर रहने की अटकलें तेज हो गई हैं। यदि बुमराह समय पर फिट नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह मोहम्मद सिराज को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है। सिराज को चोटिल हर्षित राणा के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वह इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अगर बुमराह नहीं खेलते हैं तो गेंदबाजी विभाग में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में हार्दिक पांड्या नई गेंद से आक्रमण की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि दूसरे छोर से मोहम्मद सिराज जिम्मेदारी संभालेंगे। हार्दिक पहले भी जरूरत पड़ने पर नई गेंद से गेंदबाजी कर चुके हैं और टीम प्रबंधन को उन पर भरोसा है।
भारतीय टीम का ग्रुप चरण का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। अमेरिका के बाद भारत को 12 फरवरी को नामीबिया से मुकाबला करना है। इसके बाद 15 फरवरी को पाकिस्तान और 18 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ मैच खेला जाना है। हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के प्रति एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है।
टीम प्रबंधन का मानना है कि टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, भारत को मजबूत और अनुभवी टीमों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में जसप्रीत बुमराह जैसे अहम खिलाड़ी को शुरुआती मुकाबले में आराम देना रणनीतिक रूप से सही फैसला हो सकता है। बुमराह भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ माने जाते हैं और अंतिम चरण में उनकी फिटनेस भारत की सफलता के लिए बेहद अहम होगी।
अमेरिका जैसी अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम के खिलाफ बुमराह को आराम देना टीम इंडिया के लिए सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शनिवार को टीम प्रबंधन अंतिम एकादश में किस संयोजन के साथ उतरता है।