बोलता सच : पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को बुधवार तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें देवरिया के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ले जाते समय उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि उनके खिलाफ हत्या की सुनियोजित साजिश रची जा रही है और यह कार्रवाई उनके बेटे के इंटरव्यू को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
कोर्ट जाते हुए अमिताभ ठाकुर मीडिया से बात करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, देवरिया पहुंचने पर उनसे करीब एक घंटे पूछताछ की गई और फिर पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद एसआईटी के निरीक्षक सोबरन सिंह की निगरानी में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट में पहुँचकर अमिताभ ठाकुर ने खुद अपना मुकदमा लड़ने की इच्छा जताई और अदालत से 40 मिनट का समय मांगा। उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष आठ पेज का विस्तृत लिखित बयान भी पेश किया। अपनी बात रखते हुए वे भावुक हो गए और गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए कहा कि उन्हें आधी रात बीच रास्ते से पकड़ा गया। उनके अनुसार, जिस मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है, उसमें कोई अपराध हुआ ही नहीं और दो दशक बाद महज प्रताड़ित करने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उधर, देवरिया कोर्ट में पेशी से पहले उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने बताया कि देर रात लखनऊ पुलिस ने फोन पर गिरफ्तारी की सूचना दी। उनका कहना है कि यह 26 साल पुराना मुद्दा महज एक सिविल विवाद है और पति के खिलाफ की जा रही कार्रवाई संदिग्ध है। नूतन ठाकुर ने संभावित अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी साझा की थी।
अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी पहली नियुक्ति गोरखपुर में एसपी के रूप में हुई थी। उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर समाजसेवी हैं। वर्ष 2021 में सरकार ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘आजाद अधिकार सेना’ बनाई।
अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के जिस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं, वह 1999 से जुड़ा है। आरोप है कि देवरिया में एसपी रहते हुए उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर प्लॉट बी-2 नूतन इंडस्ट्रीज के नाम से अलॉट कराया, जिसमें नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी और अमिताभ की जगह अभिजात ठाकुर लिखा गया। वर्ष 2003 में यह प्लॉट शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया गया। आरोपकर्ता संजय शर्मा ने सात नवंबर 2025 को देवरिया कोतवाली में तहरीर देकर दोनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश का आरोप लगाया।
सीजेएम मंजू कुमारी की अदालत में अमिताभ ठाकुर ने अपने आठ पेज के बयान में जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस दौरान वे भावुक भी हो गए। मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस प्रकरण में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी सह-आरोपी हैं।
इसको भी पढ़ें : बागपत: शादी के चौथे दिन दुल्हन फरार, जेवर-नकदी लेकर हुई गायब; फर्जी पहचान और किराए की ‘मां’ से रचाया था पूरा खेल
➤ You May Also Like






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































