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42 करोड़ की जीएसटी चोरी का पर्दाफाश, 100 फर्जी फर्मों का नेटवर्क; तीन आरोपी गिरफ्तार

Bolta Sach News
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GST evasion of Rs 42 crore
बोलता सच,मुजफ्फरनगर। साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 34 फर्जी फर्मों के नाम पर फर्जी ई-वे बिल बनाकर करीब 42 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में अब तक करीब 100 फर्जी फर्मों का पता चला है, जिससे जीएसटी चोरी की रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस लाइन में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि पिछले साल सितंबर और अक्तूबर में जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने शहर कोतवाली, खालापार, नई मंडी और शाहपुर थानों में जीएसटी चोरी के पांच मुकदमे दर्ज कराए थे। इन सभी मामलों की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। जांच के दौरान मंगलवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला मल्हूपुरा निवासी अफजल और मोनिस तथा नई मंडी क्षेत्र के गांव तिगरी निवासी मोहम्मद हफीज को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 34 फर्जी फर्मों का पंजीकरण कर उनके नाम से फर्जी जीएसटी बिल और ई-वे बिल जारी किए। इसके जरिए उन्होंने करीब 42 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की और रकम आपस में बांट ली। बरामद लैपटॉप, मोबाइल, जीमेल अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से यह भी सामने आया है कि गिरोह ने अब तक 40 से 50 फर्मों का इस्तेमाल किया है, जबकि करीब 100 फर्जी फर्मों का पूरा नेटवर्क खड़ा किया गया था।

गिरफ्तार आरोपियों में सरगना अफजल केवल पांचवीं पास है, जबकि उसके साथी मोनिस और मोहम्मद हफीज एलएलबी करने के बाद सीए की पढ़ाई कर रहे हैं। हफीज अकाउंटिंग और जीएसटी का काम संभालता था, जबकि मोनिस और हफीज फर्मों की बहीखाता और टैक्स से जुड़ा काम देखते थे। अफजल लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जुटाने के साथ-साथ गोदाम और जगहों की व्यवस्था करता था।

पुलिस के अनुसार, मोनिस और अफजल के सुझाव पर ही हफीज इस फर्जीवाड़े में शामिल हुआ। लालच में आकर तीनों ने मिलकर लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बैंक खाते खुलवाए और फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया। इसके बाद घरों से ही मोबाइल, लैपटॉप और प्रिंटर के जरिए फर्जी जीएसटी बिल और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल, पांच लैपटॉप, 12 डिजिटल साइन, चेक बुक, प्रिंटर, आधार और पैन कार्ड, सिम कार्ड के साथ एक लग्जरी कार भी बरामद की है। जब्त किए गए लैपटॉप, हार्ड डिस्क और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

एसपी क्राइम ने बताया कि सरगना अफजल के नाम कई मकान और वाहन हैं, जबकि कुछ संपत्तियां उसने दूसरों के नाम पर भी खरीदी हैं। पुलिस आरोपियों की संपत्ति की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि अवैध रूप से अर्जित धन और संपत्तियों को जब्त किया जा सके। इस तरह के मामलों की जांच के लिए प्रदेश स्तर पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) भी सक्रिय रूप से जांच में जुटी हुई है।

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