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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर संत समाज में आक्रोश, छिंदवाड़ा हिंदू सम्मेलन में अतुलेशानंद महाराज ने जताई कड़ी नाराजगी

Bolta Sach News
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Hindu youth murdered in Bangladesh
बोलता सच,छिंदवाड़ा : पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपेंद्र दास की कथित निर्मम हत्या को लेकर देशभर में संत समाज और सनातन धर्म को मानने वाले लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना को लेकर कन्नौज पीठाधीश्वर एवं शंभू पंचदस नाम आवाहन अखाड़ा से जुड़े संत 1008 अतुलेशानंद महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वे छिंदवाड़ा में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अतुलेशानंद महाराज ने कहा कि दीपेंद्र दास की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश में सनातन धर्म के अनुयायियों के खिलाफ लगातार हो रहे उत्पीड़न का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा संत समाज व्यथित है और हर सनातनी के मन में पीड़ा और रोष व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू अल्पसंख्यकों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमेशा शांति, करुणा और सद्भाव का संदेश देता आया है। “हमारा धर्म हमें यह सिखाता है कि भगवान सबको सद्बुद्धि दें, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग इस भावना को समझने के लिए तैयार नहीं हैं और हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं,” उन्होंने कहा। अतुलेशानंद महाराज ने इसे मानवता और धार्मिक सहिष्णुता के खिलाफ बताया।
संत ने केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विषय में सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बयान जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अपने संबोधन में अतुलेशानंद महाराज ने सनातन समाज से एकजुट रहने और जागरूक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शांति और सहिष्णुता सनातन धर्म की पहचान है, लेकिन अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना भी धर्म का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हिंदू सम्मेलन में मौजूद अन्य संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं ने भी इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। सम्मेलन के दौरान दीपेंद्र दास की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई गई। संत समाज ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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