गिरफ्तार आरोपी की पहचान आजमगढ़ जनपद के नार्वे गांव निवासी विकास सिंह के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी भारत–नेपाल सीमा का फायदा उठाकर नेपाल फरार होने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही एसटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा।
सूत्र बताते हैं कि विकास सिंह जिले के एक गांव में अपने किसी परिचित के यहां शरण लेकर छिपा हुआ था। उसे भारत–नेपाल सीमा की भौगोलिक जानकारी अच्छी तरह थी, इसी वजह से उसने सिद्धार्थनगर बॉर्डर इलाके को सुरक्षित ठिकाना चुना था। आरोपी को यह भी अंदाजा था कि पुलिस उसकी तलाश राजधानी और पूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर व गाजीपुर जैसे जिलों में करेगी, न कि सीमा क्षेत्र में।
इसी बीच सीमा के पास उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही एसटीएफ ने भोर के समय घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए वाराणसी ले जाया गया है, जहां उससे तस्करी के रूट, सप्लायर और नेपाल कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, जिले स्तर के पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी से इनकार किया है। बताया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस को भी इस ऑपरेशन की भनक नहीं थी।
सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े कई बड़े नाम और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिससे इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी।