बोलता सच देवरिया कानपुर : कानपुर की कोतवाली पुलिस ने धमकी और रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अखिलेश दुबे, पप्पू स्मार्ट, गुड्डू गुप्ता समेत चार आरोपियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट तैयार कर ली है। करीब 250 पन्नों की इस चार्जशीट में 15 गवाहों के बयान, कॉल डिटेल्स और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि गुरुवार को यह चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाएगी। खास बात यह है कि यह अखिलेश दुबे के खिलाफ दूसरी चार्जशीट होगी।
मामला कैसे शुरू हुआ
लालबंगला निवासी अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने पिछले महीने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे, पप्पू स्मार्ट और उनके साथियों ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले को समाप्त करने के लिए धमकी दी और रंगदारी मांगी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने उस युवती को भी ढूंढ निकाला जिसके बयान पर केस दर्ज किया गया था। युवती ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत थी। इस दौरान लाल बंगले के साड़ी कारोबारी गुड्डू गुप्ता उसे पप्पू स्मार्ट और अन्य लोगों के पास ले गया। वहां उससे रुपये लिए गए और सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए। युवती ने यह भी कहा कि उसे एफआईआर की जानकारी नहीं थी। युवती के बयान के बाद पुलिस ने कारोबारी गुड्डू गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई।
चार्जशीट और आगे की कार्रवाई
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि मामले में अखिलेश दुबे, पप्पू स्मार्ट, गुड्डू गुप्ता और एक अन्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई है। यह चार्जशीट लगभग 250 पन्नों की है, जिसमें घटनाक्रम से जुड़े कई अहम सबूत शामिल हैं। पुलिस इसे गुरुवार को अदालत में दाखिल करेगी।
फरार आरोपियों पर शिकंजा
इसी मामले में आठ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। कोतवाली पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने के लिए आवेदन किया है। इंस्पेक्टर पांडेय ने बताया कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इनमें से कई आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा
मामला सामने आने के बाद से कानपुर के कानूनी और कारोबारी जगत में इस पर चर्चा तेज है। अधिवक्ता संदीप शुक्ला का कहना है कि रंगदारी और धमकी का यह मामला न सिर्फ वकीलों, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस द्वारा पेश की जा रही चार्जशीट और एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई से फरार आरोपियों पर दबाव बनेगा और पीड़ित को न्याय मिलने का रास्ता साफ होगा।
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