Breaking News

कार्तिगई दीपम् विवाद: जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों पर तमिलनाडु पुलिस की कार्रवाई, डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी स्थिति रिपोर्ट

Bolta Sach News
|
Karthigai Deepam controversy Justice Swaminathan
बोलता सच,नई दिल्ली : तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. वेंकटरमण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर ‘कार्तिगई दीपम्’ प्रज्वलन की अनुमति देने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ कथित रूप से जाति और धर्म के आधार पर की गई मानहानिकारक टिप्पणियों के मामले में पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की है और संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
शीर्ष अदालत में दाखिल शपथपत्र में डीजीपी ने कहा कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी किसी भी पुस्तक, चित्र, बयान, कार्टून या अन्य सामग्री के प्रकाशन अथवा प्रसार को रोका जाए, जिससे अदालत या किसी न्यायाधीश की छवि धूमिल होती हो।
डीजीपी के अनुसार, ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों—एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, यूट्यूब, व्हॉट्सऐप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—पर न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार के आरोपों की जांच कर आवश्यक कदम उठाए हैं। केंद्रीय अपराध शाखा के तहत साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए याचिका को पंजीकृत किया और जांच के दौरान नौ सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई।
यह शपथपत्र अधिवक्ता जी. एस. मणि द्वारा दायर याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कम्युनिस्ट दलों समेत सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) समर्थित संगठनों, कुछ व्यक्तियों और वकीलों ने चेन्नई और मदुरै में मद्रास हाई कोर्ट परिसर सहित सार्वजनिक स्थानों पर अवैध प्रदर्शन किए और न्यायमूर्ति स्वामीनाथन के खिलाफ अत्यंत अवमाननापूर्ण टिप्पणियां कीं।
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जनवरी को इस याचिका पर राज्य सरकार, डीजीपी, चेन्नई पुलिस आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी कर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को निर्धारित है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाति और धर्म पर आधारित टिप्पणियां सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से की गई थीं।
गौरतलब है कि न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन ने एक दिसंबर 2025 को तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित ‘दीपथून’ पर कार्तिगई दीपम् प्रज्वलन के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। आदेश के अनुपालन में देरी होने पर तीन दिसंबर को उन्होंने श्रद्धालुओं को स्वयं दीपक जलाने की अनुमति दी और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

इसको भी पढ़ें : देवरिया–कसया मार्ग फोरलेन: 292 करोड़ रुपये से सड़क चौड़ीकरण की तैयारी तेज

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply