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कुशीनगर: बड़ी गंडक नहर में मिला शव, पहचान को लेकर मचा भ्रम, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

Bolta Sach News
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Kushinagar: Big Gandak Canal
बोलता सच : कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र में रविवार को एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोपहर करीब 11 बजे, सिंगहा रेगुलेटर के पास बड़ी गंडक नहर में एक शव बहता हुआ फंसा दिखाई दिया, जिसे देखकर स्थानीय लोग सन्न रह गए। खबर फैलते ही दो अलग-अलग परिवार मौके पर पहुंचे, जिसमें से एक ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया, जबकि दूसरा परिवार, जो कि महराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र से आया था, शव को अपने परिवार के सदस्य के रूप में पहचानने का दावा किया।

शव निकालने में भी पुलिस ने नहीं की मदद?
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे दो सिपाही शव को निकालने के बजाय परिजनों से ही शव बाहर निकालने को कहने लगे। इस रवैये को लेकर पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। शव से सड़ांध और बदबू के कारण स्थानीय लोग भी मदद करने से पीछे हट रहे थे। इसके बावजूद, करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद, परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के सहारे शव को बाहर निकाला।

शव की पहचान: महराजगंज के मजदूर रघुवर मुसहर के रूप में
महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र से आए बुजुर्ग रामप्रीत मुसहर ने बताया कि शव उनके 40 वर्षीय मंझले बेटे रघुवर मुसहर का है, जो चार दिन पहले गांव चंदा गुलरिया से निकला था। परिजनों के अनुसार, रघुवर किसी बीमारी से परेशान था। जब उसे इलाज कराने की सलाह दी गई तो उसने शर्म या मानसिक तनाव में आकर गंडक नहर में छलांग लगा दी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रविवार को स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद वे शव की शिनाख्त के लिए पहुंचे।

“पुलिस ने कोई मदद नहीं की”: पिता की व्यथा
रामप्रीत मुसहर ने बताया,

“अगर शव बाहर निकाल दिया गया होता, तो हम तुरंत पहचान लेते। लेकिन पुलिस ने हमसे ही निकालने को कह दिया। हम 30 किलोमीटर दूर से आए हैं। न मदद मिल रही है, न समझ आ रहा है क्या करें।”

उन्होंने बताया कि रघुवर मुसहर परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। वह मजदूरी करके पत्नी और दो बेटियों का भरण-पोषण करता था।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। शव जैसी संवेदनशील स्थिति में भी मदद देने की बजाय पीड़ित परिवार को ही सब कुछ करने के लिए मजबूर किया गया, जो न केवल संवेदनहीनता का उदाहरण है बल्कि मानवता के खिलाफ भी है।

आगे की कार्रवाई
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने मामले की आधिकारिक पुष्टि के बाद जांच शुरू करने की बात कही है। हालांकि, अब तक इस घटना को लेकर कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं, जिससे लोगों में रोष और असंतोष का माहौल बना हुआ है।

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