पुराने शहर क्षेत्र में स्थित एलडीए की बसंतकुंज योजना में करीब 65 एकड़ क्षेत्रफल में फैला राष्ट्र प्रेरणा स्थल आधुनिक तकनीक और भव्य निर्माण का अनूठा उदाहरण है। परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं की खास विशेषता यह है कि रात के समय लाइट प्रोजेक्शन सिस्टम के जरिए ऐसा दृश्य उत्पन्न होता है, मानो प्रतिदिन उनके वस्त्र बदले जा रहे हों।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है, जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी निर्माण किया है। वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं मूर्तिकार माटू राम द्वारा तैयार की गई हैं।
रखरखाव के लिए बनेगा 150 करोड़ का कार्पस फंड
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के बेहतर और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए 150 करोड़ रुपये का कार्पस फंड बनाने की योजना है। एलडीए ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। यह राशि बैंक में जमा की जाएगी और उससे प्राप्त ब्याज का उपयोग स्थल के रखरखाव में किया जाएगा। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, जनेश्वर मिश्र पार्क समेत कई बड़े पार्कों में यही व्यवस्था पहले से लागू है।
म्यूजियम में दिखेगा जीवन संघर्ष का सजीव चित्रण
प्रेरणा स्थल परिसर में बने भव्य म्यूजियम में तीनों महान विभूतियों के जीवन से जुड़े संस्मरण, संघर्ष और उपलब्धियों को चित्रों, स्टोन म्यूरल्स और डिजिटल पैनलों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। लगभग 98 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में बने इस म्यूजियम में वीवीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं। यहां कुल पांच गैलरियां बनाई गई हैं, जहां लाइव ऑडियो-वीडियो विजुअल्स के जरिए इतिहास को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
टिकट व्यवस्था पर निर्णय संचालन समिति करेगी
राष्ट्र प्रेरणा स्थल और म्यूजियम के लिए प्रवेश शुल्क कितना होगा, यह शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय संचालन समिति तय करेगी। संभावना जताई जा रही है कि प्राणि उद्यान की तर्ज पर प्रवेश और म्यूजियम का टिकट अलग-अलग रखा जा सकता है, ताकि म्यूजियम न देखने वाले लोगों को अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े।
फैक्ट फाइल:
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परिसर में तीन हेलीपैड
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ग्रीन कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव
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निर्माण कार्य दिसंबर 2022 में शुरू
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ग्वालियर का मार्बल प्रयोग
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लगभग दो लाख लोगों की बैठने की क्षमता वाला मैदान
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विशाल पक्का मंच और 3000 क्षमता का एम्फीथिएटर
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मंच तक पहुंच के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ियां
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लोकार्पण: 25 दिसंबर 2025
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