छगन भुजबल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की अपील की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह घटना 6 फरवरी को तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सामने आई थी, जिससे देशभर में सामाजिक संगठनों और प्रगतिशील विचारधारा से जुड़े लोगों में आक्रोश है।
अमित शाह को लिखे अपने पत्र में भुजबल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे महान समाज सुधारक को निशाना बनाना प्रगतिशील और लोकतांत्रिक समाज की सोच पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और समानता, शिक्षा तथा सामाजिक न्याय की नींव मजबूत की। ऐसे महापुरुषों के विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं।
एनसीपी नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना समाज सुधार और समानता की विचारधारा पर जानबूझकर किया गया हमला है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना है।
भुजबल ने अपने पत्र में इस बात पर भी जोर दिया कि महात्मा फुले का योगदान विशेष रूप से वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण में अमूल्य रहा है। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक चेतना के माध्यम से समाज को नई दिशा दी, जिसे कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
उन्होंने मांग की कि आरोपियों को ऐसी कड़ी सजा दी जाए, जो समाज के लिए एक मिसाल बने। भुजबल के अनुसार, सख्त कार्रवाई से न केवल भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि संविधान में निहित सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों की भी मजबूती से रक्षा हो सकेगी।