बोलता सच,नई दिल्ली: संसद की कार्यवाही में वर्ष 2025 के दौरान कई बार हंगामा और व्यवधान देखने को मिला, खासकर मानसून सत्र में, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने इस साल कई अहम और विवादास्पद कानूनों को पारित कराने में सफलता हासिल की। इनमें रोजगार, ऊर्जा, खेल, श्रम, कर व्यवस्था, डिजिटल सेक्टर और वक्फ से जुड़े बड़े सुधार शामिल हैं, जिनका असर देश की अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था पर लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
VB-G RAM G बिल को मिली मंजूरी
शीतकालीन सत्र में संसद ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G बिल को मंजूरी दी। यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नया स्वरूप है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गारंटीकृत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं। इसके साथ ही यह योजना अब पूरी तरह मांग आधारित नहीं रहेगी और केंद्र सरकार की तय सीमा के भीतर खर्च होगी, जिसमें राज्यों की भी आंशिक भागीदारी होगी।
SHANTI बिल 2025 पारित
संसद ने शांति (SHANTI) बिल 2025 को भी पारित किया, जो परमाणु ऊर्जा से जुड़े पुराने कानूनों की जगह लेगा। इस कानून का उद्देश्य देश के ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और परमाणु तकनीक में नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके तहत परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड को वैधानिक दर्जा दिया गया है।
राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम को मंजूरी
राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल चुकी है। इस कानून के जरिए खेल संगठनों में पारदर्शिता, सुशासन, खिलाड़ियों के कल्याण और खेलों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्ती
संसद ने ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन अधिनियम 2025 को भी पारित किया। इसका मकसद ऑनलाइन मनी गेम्स से होने वाली लत, आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याओं पर रोक लगाना तथा सुरक्षित और जिम्मेदार गेमिंग को बढ़ावा देना है।
चार श्रम संहिताएं होंगी लागू
सरकार ने घोषणा की है कि चारों श्रम संहिताएं—वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और कार्यस्थल सुरक्षा संहिता—21 नवंबर 2025 से लागू होंगी। इससे 29 पुराने श्रम कानूनों को एकीकृत कर एक सरल और आधुनिक व्यवस्था तैयार की गई है।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025
अप्रैल में संसद ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पारित किया। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना और सामाजिक कल्याण को मजबूत करना है। हालांकि इस कानून को लेकर कुछ मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने विरोध भी जताया।
कर और वित्तीय सुधार
जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को मंजूरी दी गई, जिसमें कर ढांचे को सरल बनाने और आम लोगों व छोटे कारोबारियों को राहत देने पर जोर दिया गया। आयकर के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ। अगस्त में राष्ट्रपति ने आयकर अधिनियम 2025 को मंजूरी दी, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा और 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है, बल्कि कानून की भाषा को सरल बनाया गया है। साथ ही बजट में सालाना 12 लाख रुपये तक की आय को आयकर से मुक्त करने की घोषणा की गई।
कुल मिलाकर, 2025 में संसद द्वारा पारित ये कानून देश की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।
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