कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पी.के. अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, डॉ. शोभा शुक्ला और डॉ. शशि प्रभा गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. वरेश नागरथ, सचिव डॉ. पवन त्रिपाठी और वैज्ञानिक सचिव डॉ. उमेश चंद ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया।
सम्मेलन में हिंद मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के प्राचार्य प्रो. नरसिंह वर्मा ने डायबिटीज के अत्याधुनिक उपचार और नवीन शोधों पर व्याख्यान दिया। डॉ. अजय तिवारी ने टीबी के साथ शुगर की जटिलताओं पर जानकारी दी, जबकि हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार ने बीपी और शुगर के संयुक्त इलाज में बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला।
मुंबई के डॉ. दीपक जुमानी ने मधुमेह से उत्पन्न यौन समस्याओं और उनके समाधान पर मार्गदर्शन दिया। वहीं पद्मश्री व बीएचयू वाराणसी के पूर्व प्रो. डॉ. के.के. त्रिपाठी ने शुगर नियंत्रण के उपाय बताए। इसके अलावा गाजियाबाद के डॉ. पंकज अग्रवाल ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
कांफ्रेंस के को-चेयरपर्सन डॉ. दिव्या त्रिपाठी और डॉ. पवन अरोरा रहे। इस अवसर पर डॉ. खुर्शीद अहमद, डॉ. विनोद राय, डॉ. एच.सी. अरोरा, डॉ. विपिन बिहारी शुक्ल, डॉ. नवेंदु राय, डॉ. प्रमोद त्रिपाठी, डॉ. सौरभ बरनवाल, डॉ. मीनाक्षी सिंह सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने शुगर और जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित जांच, संतुलित आहार और व्यायाम को आवश्यक बताया।
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