बोलता सच : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी त्योहारों, महत्वपूर्ण आयोजनों और कई प्रवेश परीक्षाओं के मद्देनज़र प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। इसी क्रम में पूरे शहर में धारा 163 (पहले जिसे धारा 144 कहा जाता था) लागू कर दी गई है। यह आदेश 17 नवंबर 2024 से 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
इस अवधि में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम पड़ रहे हैं—24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर जयंती, 6 दिसंबर को काला दिवस, 25 दिसंबर को क्रिसमस, उसके बाद 31 दिसंबर–1 जनवरी को नववर्ष तथा 15 जनवरी को मकर संक्रांति। इसके अलावा इस दौरान प्रदेशभर में महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं। प्रशासन को आशंका है कि राजनीतिक दलों, किसानों तथा विभिन्न संगठनों के धरना-प्रदर्शन शांति व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं।
पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक
धारा 163 लागू होने के बाद लखनऊ में किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। निर्धारित स्थलों को छोड़कर शहर में कहीं भी धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। सरकार और विधानसभा भवनों के आसपास सुरक्षा और सख्त की गई है।
जेसीपी एलओ बबलू कुमार द्वारा 17 नवंबर को जारी आदेश के मुताबिक, विधानभवन क्षेत्र में लालबत्ती चौराहा से अब्दुल हमीद चौराहे तक कई तरह के वाहनों और सामग्रियों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इनमें शामिल हैं—
ट्रैक्टर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बैलगाड़ी, तांगागाड़ी, घोड़ागाड़ी, भैंसागाड़ी, हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर और अन्य घातक सामग्री।
नो-फ्लाइंग ज़ोन: ड्रोन कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित
आदेश के अनुसार राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और अन्य सरकारी दफ्तरों के आसपास ड्रोन से शूटिंग सख्त वर्जित है। शहर के अन्य इलाकों में ड्रोन उड़ाने के लिए पुलिस आयुक्त या संयुक्त पुलिस आयुक्त की अनुमति अनिवार्य होगी।
जुलूस और सभा के लिए पूर्व अनुमति जरूरी
लखनऊ में जुलूस, रैली या किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा का आयोजन करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी आयोजन को दंडनीय अपराध माना जाएगा।
लाउडस्पीकर और ध्वनि सीमा पर सख़्ती
आदेश में विभिन्न क्षेत्रों के लिए ध्वनि-स्तर तय किया गया है—
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औद्योगिक क्षेत्र: 75/70 डेसीबल
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वाणिज्यिक क्षेत्र: 65/55 डेसीबल
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रिहायशी क्षेत्र: 55/45 डेसीबल
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शांत क्षेत्र: 50/40 डेसीबल
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या ध्वनि-विस्तारक यंत्र का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर भी अनुमति के बिना नहीं चलाए जा सकेंगे।
हथियार, भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाना अपराध
आदेश में लाठी, डंडा, तलवार, चाकू, त्रिशूल, ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध है।
किसी भी धर्मग्रंथ का अपमान, धार्मिक स्थलों पर झंडे/बैनर लगाना, भड़काऊ बयान देना और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना गंभीर अपराध माना जाएगा।
व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन को उनके समूह में साझा की गई सामग्री के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
चाइनीज मांझा, पुतला दहन और परीक्षा केंद्रों पर रोक
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चाइनीज मांझा खरीदने-बेचने या उससे पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध
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सार्वजनिक स्थानों पर पुतला दहन वर्जित
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ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों और मकान मालिकों के लिए कर्मचारी/किरायेदार पुलिस सत्यापन अनिवार्य
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साइबर कैफे को आगंतुकों का रजिस्टर, पहचान और वेबकैम रिकॉर्ड रखना होगा
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परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित
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परीक्षा केंद्र के 200 गज के दायरे में अनावश्यक प्रवेश निषेध
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कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर BNS की धारा 223 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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