इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों को समय पर वेतन सुनिश्चित करना है, ताकि वेतन में देरी को लेकर वर्षों से चली आ रही शिकायतों का स्थायी समाधान किया जा सके। साथ ही, इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समयबद्धता और नियमित उपस्थिति में भी सुधार की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
यह निर्णय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। बैठक के बाद सभी क्षेत्रीय उप निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, सभी शिक्षकों और शिक्षण कर्मचारियों को ई-शिक्षाकोश मोबाइल ऐप के जरिए प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। HRMS और ई-शिक्षाकोश की तकनीकी टीमें आपस में समन्वय कर रही हैं, ताकि उपस्थिति डेटा को सीधे वेतन प्रणाली से जोड़ा जा सके। विभाग का लक्ष्य है कि मार्च तक यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाए।
लापरवाही पर सख्ती, बेहतर प्रदर्शन पर सराहना
शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन जिलों में शिक्षकों की वेतन और सेवा संबंधी शिकायतों के निस्तारण की दर 15 प्रतिशत से भी कम पाई गई।
वहीं, बांका, खगड़िया, दरभंगा, कैमूर, नालंदा और शिवहर समेत 17 जिलों की सराहना की गई है, जहां 75 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल और ई-सर्विस बुक
विभाग के अनुसार, वेतन विसंगति और वरिष्ठता से जुड़ी 1.46 लाख से अधिक ऑनलाइन शिकायतें अभी लंबित हैं। इसे देखते हुए सभी जिलों को विशेष शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के निस्तारण के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, एक और अहम डिजिटल पहल के तहत सभी सरकारी शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 तक ई-सर्विस बुक जारी की जाएगी। यह डिजिटल रिकॉर्ड नियुक्ति, वेतन निर्धारण, पदोन्नति, तबादले और शैक्षणिक-प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का स्थायी दस्तावेज होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन डिजिटल सुधारों से पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षक-प्रशासन दोनों को लाभ मिलेगा।