बोलता सच,पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। इसी महीने की शुरुआत में वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद उसके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था और प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। इस आरोप को लेकर शहर में आक्रोश भी देखने को मिला और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। उन्होंने बताया कि बिहार के पुलिस महानिदेशक स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सच्चाई सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक चिकित्सा जांच में यह संकेत मिला था कि छात्रा ने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खा ली थीं और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह कहा गया है कि यौन हिंसा की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस का कहना है कि अब तक की मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में यौन हमले के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद, परिवार के आरोपों और जनआक्रोश को देखते हुए मामले की गहन जांच जारी है।
इस बीच, मृतका के परिजनों ने हॉस्टल के वार्डन, इलाज करने वाले चिकित्सकों और कुछ पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। मृतका के पिता ने कहा कि उन्हें समझौते के लिए पैसे की पेशकश की गई और मीडिया से बात न करने की धमकी भी दी गई। उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश सामने आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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