बोलता सच,अंतानानारिवो। जनवरी 2020 में दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में स्थित मेडागास्कर भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया था। 5.87 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस द्वीपीय देश में साइक्लोन ‘डायने’ ने कई दिनों तक तबाही मचाई। मूसलाधार बारिश के कारण व्यापक बाढ़ आई, भूस्खलन हुए और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कम से कम 31 लोगों की मौत हुई, करीब 16 हजार लोग विस्थापित हुए और एक लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की। इसी दौरान भारतीय नौसेना सबसे पहले राहत सामग्री और सहायता लेकर मेडागास्कर पहुंची। इस मानवीय अभियान को ‘ऑपरेशन वनीला’ नाम दिया गया, जिसने न सिर्फ हजारों जानें बचाईं, बल्कि भारत की समुद्री क्षमताओं और मानवीय नेतृत्व को भी दुनिया के सामने रखा।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन वनीला
नई दिल्ली से करीब 4,000 मील दूर स्थित मेडागास्कर तक भारतीय नौसेना ने बेहद कम समय में मदद पहुंचाई। INS ऐरावत, जो उस समय सेशेल्स की ओर जा रहा था, उसे तुरंत दिशा बदलकर मेडागास्कर के एंटसिरानाना बंदरगाह की ओर रवाना किया गया। फरवरी 2020 की शुरुआत में भारतीय नौसेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय प्रशासन के साथ हालात का जायजा लिया। इसके बाद राहत कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया गया।
भारतीय मेडिकल टीमें और आपदा राहत कर्मी देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात किए गए। अस्थायी क्लीनिक स्थापित किए गए और बचाव अभियानों में स्थानीय एजेंसियों की मदद की गई। 1 फरवरी को भारत की ओर से टेंट, कंबल, कपड़े, दवाइयां और खाद्य सामग्री औपचारिक रूप से सौंपी गई, जो टूटी सड़कों और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के बीच फंसे लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हुई।
600 टन चावल और ऐतिहासिक सहयोग
एक महीने बाद भारतीय नौसेना ने INS शार्दुल के जरिए 600 टन चावल मेडागास्कर भेजा, जो किसी भारतीय युद्धपोत द्वारा ले जाई गई अब तक की सबसे बड़ी राहत खेप थी। यह सामग्री तत्कालीन भारतीय राजदूत अभय कुमार ने मेडागास्कर के विदेश मंत्री को सौंपी। भारत की तेज़ और प्रभावी प्रतिक्रिया ने मेडागास्कर को गहराई से प्रभावित किया।
रिश्तों में आया रणनीतिक मोड़
ऑपरेशन वनीला के बाद भारत-मेडागास्कर संबंधों में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। फरवरी 2020 में मेडागास्कर के रक्षा मंत्री भारत आए, जो दोनों देशों के बीच पहली उच्चस्तरीय रक्षा यात्रा थी। मार्च 2021 में दोनों नौसेनाओं ने मेडागास्कर के विशेष आर्थिक क्षेत्र में पहली संयुक्त गश्त की। इसके बाद सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और पोर्ट विज़िट्स का सिलसिला शुरू हुआ।
आज मेडागास्कर और भारत के बीच मजबूत कूटनीतिक, रक्षा और समुद्री सहयोग की नींव उसी मानवीय मिशन से पड़ी, जिसे दुनिया ऑपरेशन वनीला के नाम से जानती है।
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