बोलता सच,देवरिया : देवरिया में मंगलवार को संयुक्त पंचायत व निकाय प्रतिनिधि मोर्चा के तत्वावधान में प्रधानों, बीडीसी सदस्यों तथा जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना और प्रदर्शन किया। जिले के सैकड़ों जनप्रतिनिधि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक मंच पर जुटे।
मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधियों की आधिकारिक भूमिका लगातार सीमित की जा रही है। उनका कहना था कि विकास कार्यों में बाहरी दखलंदाजी के चलते योजनाओं का लाभ वास्तविक स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों से जुड़े विकास कार्य, बजट हस्तांतरण, मानदेय बढ़ोतरी और प्रशासनिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं ले रही है। मनरेगा, सफाई व्यवस्था, आवास वितरण और शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं में भी जनप्रतिनिधियों की राय को दरकिनार किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे जिले में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान सरकारी नीतियों के विरोध में नारेबाजी भी की गई।
बाद में एक शिष्टमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एएसडीएम सीमा पांडेय को सौंपा। ज्ञापन में पंचायतों को अधिक अधिकार देने, कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, बजट और विकास योजनाओं में प्रतिनिधियों की स्पष्ट भूमिका तय करने की मांग शामिल थी। साथ ही विभिन्न योजनाओं में विलंबित भुगतान और मानदेय वृद्धि जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
ज्ञापन सौंपने वालों में मोर्चा के प्रमुख सदस्यों कमलेश पांडेय, बृजेंद्र मणि त्रिपाठी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। धरना-प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय तक अव्यवस्था का माहौल बना रहा। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं को संबंधित विभागों को भेजकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
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