मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक नगर निकाय में नोडल अधिकारी तैनात किए जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण सामग्री समय पर और उचित दर पर मिले तथा लाभार्थियों को किस्तें निर्धारित समय पर जारी हों। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश और प्रदेश में एक नई क्रांति लाई है। लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं और सरकार ने माफिया को हटाकर गंदगी को भी दूर किया है, जिससे उत्तर प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रथम किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये दिए गए हैं। निर्माण कार्य के 75 प्रतिशत पूरा होने पर दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये और अंतिम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस तरह हर परिवार को कुल ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि समयबद्ध तरीके से मकानों का निर्माण पूरा होगा और इससे प्रदेश की मजबूती और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज में अब तक करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी में स्नान कर चुके हैं। अयोध्या, काशी और गढ़मुक्तेश्वर जैसे तीर्थ स्थलों पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। ऐसे शुभ अवसर पर आवास योजना की पहली किस्त मिलना लाभार्थियों के लिए विशेष सौगात है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वाधिक लाभार्थियों वाले जिलों में गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, प्रयागराज, अयोध्या और महाराजगंज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बीते लगभग नौ वर्षों में प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक परिवारों को आवास का लाभ मिला है और आज 2 लाख से अधिक नए परिवार जुड़ने के साथ यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों को पक्के मकान मिले हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आवास केवल एक छत नहीं, बल्कि स्वावलंबन और सम्मान की नींव है। आवास के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिलने से गरीब परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है—हर गरीब को रोटी, कपड़ा और मकान।