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इथियोपिया की संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन, तालियों की गूंज से स्वागत

Bolta Sach News
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PM Modi in the Ethiopian Parliament
बोलता सच,नई दिल्ली : इथियोपिया की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की शुरुआत जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हुई। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किए जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसे वह भारत की जनता की ओर से पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत और इथियोपिया के बीच सदियों पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मौसम और भावनाओं में समान गर्मजोशी है। उन्होंने बताया कि करीब 2000 साल पहले ही भारत और इथियोपिया के पूर्वजों ने समुद्रों के रास्ते आपसी रिश्ते कायम कर लिए थे। उस दौर में हिंद महासागर के पार व्यापारी मसाले और सोना लेकर आते-जाते थे, लेकिन यह सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं था, बल्कि विचारों, संस्कृति और जीवनशैली का भी आदान-प्रदान होता था।

पीएम मोदी ने कहा कि अदीस और धोलेरा जैसे प्राचीन बंदरगाह केवल व्यापारिक केंद्र नहीं थे, बल्कि दो महान सभ्यताओं के बीच मजबूत सेतु का काम करते थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आधुनिक इतिहास में 1941 में भारतीय सैनिकों ने इथियोपिया की आजादी के संघर्ष में इथियोपियाई लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी।
प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और इथियोपिया के राष्ट्रगान के बीच समानता की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि दोनों गीत अपनी धरती को मां के रूप में सम्मान देते हैं और लोगों को अपनी विरासत, संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि यह संसद वह स्थान है जहां जनता की इच्छा कानून का रूप लेती है और जब जनता व राज्य की मंशा एक दिशा में चलती है, तो विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़ता है। उन्होंने किसानों, उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यही वर्ग इथियोपिया के भविष्य को आकार दे रहा है और भारत उनके साथ साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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