पीएम यूनिटी मॉल को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विशिष्ट और पारंपरिक उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा जाएगा। मॉल को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भारत की सांस्कृतिक और कारीगरी विरासत से रूबरू हो सकें।
इस परियोजना को लेकर हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर चर्चा की थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने यूनिटी मॉल के लिए मध्य दिल्ली में उपयुक्त स्थान की तलाश शुरू कर दी है। मॉल को दिल्ली हाट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां पारंपरिक माहौल के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
यूनिटी मॉल में उत्तर प्रदेश की बनारसी साड़ियां, तमिलनाडु की कांचीपुरम साड़ियां, पूर्वोत्तर भारत के बांस से बने हस्तशिल्प, कश्मीर के पारंपरिक शिल्प, राजस्थान की ब्लू पॉटरी, केरल के मसाले और अन्य GI टैग प्राप्त उत्पादों को विशेष रूप से जगह दी जाएगी। इससे लोगों को विभिन्न राज्यों की लोकप्रिय और प्रामाणिक वस्तुएं एक ही स्थान पर खरीदने का अवसर मिलेगा।
यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और हथकरघा उद्योग से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। गौरतलब है कि ODOP योजना के तहत अब तक देश के 760 से अधिक जिलों से 1200 से ज्यादा विशिष्ट उत्पादों की पहचान की जा चुकी है। इन्हीं उत्पादों के प्रचार-प्रसार, विपणन और वैश्विक पहचान के लिए पीएम यूनिटी मॉल को एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।