बोलता सच,बरेली : अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में पिछले 14 वर्षों से हिंदुओं की हत्या हो रही है। यह स्थिति वैसी ही है जैसी 1990 के दशक में कश्मीरी घाटी में थी। डॉ. तोगड़िया रविवार को बरेली के राजेंद्रनगर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, ताज और तख्त भी बदल गए हैं, लेकिन अब सवाल यह है कि आगे क्या किया जाए। तोगड़िया ने कहा कि अब उनका संकल्प है—“हिंदू ही आगे, सुरक्षित हिंदू, समृद्ध हिंदू और सम्मानयुक्त हिंदू।”
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सस्ती शिक्षा हर नागरिक का अधिकार है और सभी को रोजगार मिलना चाहिए। किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “खेत हमारा, फसल हमारी, तो कर्ज क्यों?” किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने नारा दिया—“किसानों को फसल के दाम, यही है हमारा राम, यही है हमारा काम।”
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि हमारे घर से बड़ा घर हमारे भगवान का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के निर्माण के लिए आठ करोड़ हिंदुओं ने सवा रुपये का योगदान दिया था और यह मंदिर किसी एक व्यक्ति के धन से नहीं बना है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 1700 वर्ष पहले भारत दुनिया का सबसे समृद्ध देश था और शिक्षा का वैश्विक केंद्र भी। भारत ने दुनिया को शून्य दिया, जबकि आज अमेरिका सबसे समृद्ध देश बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में आज 19 करोड़ लोग भूखे सोते हैं और करीब 40 करोड़ लोग बीमार हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों से उन्होंने अपील की कि हर गांव में मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाए। उन्होंने दावा किया कि हिंदुओं की संख्या लगातार घट रही है और इजरायल का उदाहरण देते हुए कहा कि संख्या कम होने के बावजूद यहूदी फलस्तीन को मात दे रहे हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है।
कार्यक्रम के अंत में प्रवीण तोगड़िया ने लोगों को कई संकल्प दिलाए। इनमें प्रमुख रूप से—हिंदुओं को सुरक्षित, समृद्ध और सम्मानजनक बनाना, सस्ती शिक्षा सुनिश्चित करना, किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाना, कोई हिंदू भूखा न रहे, हिंदुओं की दुकानों से ही सामान खरीदना, भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना और देश से बांग्लादेशियों को बाहर करना शामिल रहा।
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