घटना के बाद भाजपा नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर सिख समुदाय और सिख धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह और विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि “गद्दार” जैसे शब्द का इस्तेमाल बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू एक ऐसे सिख परिवार से आते हैं, जिसने देश की सेवा और बलिदान की परंपरा निभाई है। ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहना न सिर्फ अस्वीकार्य है, बल्कि पूरे सिख समुदाय को आहत करने वाला है। पुरी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिट्टू के कांग्रेस छोड़ने से नाराज हैं और इसी कुंठा में उन्होंने यह टिप्पणी की।
भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने सिख समुदाय का अपमान किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी में सिखों के प्रति असंवेदनशील रवैया लगातार देखने को मिलता रहा है। लवली ने कहा कि संसद जैसे गरिमामय मंच पर इस तरह की भाषा लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने राहुल गांधी के व्यवहार को “शर्मनाक और अशोभनीय” बताया। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री को देशद्रोही कहना हर उस सिख का अपमान है, जिसने देश की रक्षा में अपना बलिदान दिया है।
भाजपा ने इस मुद्दे को 1984 के सिख दंगों से भी जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और राहुल गांधी व कांग्रेस पार्टी से सार्वजनिक माफी की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सिख समुदाय की देशभक्ति पर सवाल उठाना पूरे देश की भावनाओं का अपमान है।
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