बोलता सच,नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तीखा हो गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस मामले में आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार देश का “सबसे भ्रष्ट परिवार” है और इसे उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से “बेल-गाड़ी” करार दिया।
खरगे के बयान के बाद बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। खरगे ने इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ी राहत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की थी।
खरगे का आरोप—राजनीतिक प्रतिशोध का मामला
बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। खरगे ने कहा कि इस मामले में न तो कोई ठोस सबूत है और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, अदालत के ताजा फैसले के बाद प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
खरगे ने यह भी कहा कि यह फैसला सरकार के लिए एक “तमाचा” है और अब सत्ता में बैठे लोगों को भविष्य में राजनीतिक विरोधियों को परेशान न करने का संकल्प लेना चाहिए।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में न तो किसी तरह का वित्तीय लेनदेन हुआ है और न ही किसी संपत्ति का हस्तांतरण, ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का सवाल ही नहीं उठता।
सिंघवी ने आरोप लगाया कि यह मामला द्वेषपूर्ण और लापरवाही से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि अदालत का ताजा फैसला संविधान और कानून की मजबूती को दर्शाता है, जो सत्ता के दबाव से ऊपर है। नेशनल हेराल्ड मामले पर अदालत के फैसले के बाद अब यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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