बोलता सच,मथुरा : वृंदावन में ब्रज के सुप्रसिद्ध संत स्वामी प्रेमानंद महाराज इन दिनों अपने ‘एकांतवास’ को लेकर सोशल मीडिया पर खासे चर्चा में हैं। उनकी साधना और दिनचर्या का यह रहस्यमय व आध्यात्मिक पक्ष लाखों भक्तों के लिए श्रद्धा के साथ-साथ गहरी जिज्ञासा का विषय बन गया है।
स्वामी प्रेमानंद महाराज की नित्य दिनचर्या में यमुना तट पर एकांतवास का विशेष महत्व है। वह प्रतिदिन वृंदावन में यमुना किनारे पहुंचकर शांत भाव से मां यमुना का सान्निध्य ग्रहण करते हैं और घंटों मौन साधना में लीन रहते हैं। इस दौरान वह गहन ध्यान योग में डूबे रहते हैं। उनके एकांतवास की मर्यादा इतनी कठोर है कि उस समय न तो कोई सेवक उनके साथ होता है और न ही किसी भक्त को उनके पास जाने की अनुमति दी जाती है।
हाल ही में स्वामी प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘भजन मार्ग’ पर उनके एकांतवास की एक झलक साझा की गई। इसके बाद यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई। महज आठ घंटे के भीतर ही इस पोस्ट को 21 लाख से अधिक लोगों ने लाइक किया, जबकि 28 हजार से ज्यादा भक्तों ने कमेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पोस्ट को अब तक 26 हजार से अधिक बार शेयर किया जा चुका है।
कमेंट सेक्शन में भक्त लगातार “राधे-राधे” लिखकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह दृश्य भक्तों की गहरी आस्था और प्रेम को दर्शाता है। भक्तों के बीच यह चर्चा भी जोरों पर है कि स्वामी प्रेमानंद महाराज एकांत में किस प्रकार राधा रानी की भक्ति में लीन रहते हैं और उनका चिंतन कितना गहन और दिव्य होता है।
जो श्रद्धालु वृंदावन पहुंचकर प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाते, वे सोशल मीडिया के माध्यम से ही महाराज जी के दर्शन कर रहे हैं और श्रीजी के चरणों में अपनी भक्ति और भावनाएं अर्पित कर रहे हैं। स्वामी प्रेमानंद महाराज का यह एकांतवास आज आध्यात्मिक शांति, साधना और भक्ति का जीवंत प्रतीक बन गया है।
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