बोलता सच,देवरिया : जिले के बरहज क्षेत्र में सरयू नदी में डूबे किसान की तलाश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। तलाशी अभियान में शामिल एक गोताखोर की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर जबरन नदी में उतारने का आरोप लगाते हुए जमकर आक्रोश जताया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, परसिया देवार गांव निवासी किसान धरमू 2 फरवरी को घर लौटते समय पीपा पुल से फिसलकर सरयू नदी में गिर गए थे। घटना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की जा रही थी। चौथे दिन भी किसान का कोई सुराग नहीं लग सका है। गुरुवार को तलाशी अभियान के दौरान गौरा गांव निवासी सुरेंद्र साहनी (45) पुत्र मोहन साहनी भी एसडीआरएफ टीम के साथ नाव से मऊ जनपद की सीमा के पास खोज अभियान में शामिल थे। इसी दौरान सुरेंद्र साहनी ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आए। लगभग 20 मिनट बाद अन्य नावों पर मौजूद गोताखोरों ने उन्हें खोजकर बाहर निकाला। उस समय वह बेहोशी की हालत में थे।
सुरेंद्र साहनी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गोताखोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी उर्मिला के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और परिजन थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। परिजनों का आरोप है कि सुरेंद्र साहनी बुखार से पीड़ित थे और इसके बावजूद पुलिस ने उन पर दबाव बनाकर जबरन तलाशी अभियान में शामिल कराया। उनका कहना है कि यदि उन्हें जबरन नदी में न उतारा जाता तो यह हादसा नहीं होता।
वहीं पुलिस प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया है। बरहज क्षेत्राधिकारी राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि गोताखोर के जबरन नदी में उतारे जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। उनके अनुसार सुरेंद्र साहनी स्वेच्छा से तलाशी अभियान में शामिल हुए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य सामने आता है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
उधर, सरयू नदी में डूबे किसान धरमू की तलाश लगातार चौथे दिन भी जारी रही। एसडीआरएफ की टीम पुल क्षेत्र से लेकर मेहियावां और मऊ जनपद की सीमा तक सघन सर्च अभियान चला रही है। स्थानीय नाविकों की मदद से नदी के किनारों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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