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बारिश के मौसम में चर्म रोगों का कहर: नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ी

Bolta Sach News
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Skin in rainy season
सौंदर्य एवं फैशन (बोलता सच) :  मानसून की बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं त्वचा संबंधी रोगों (चर्म रोग) के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखने को मिल रही है। नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, खुजली, एथलीट फुट, फंगल संक्रमण, फुंसी और त्वचा पर लाल दाने जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। हर दिन 100 से अधिक मरीज इन समस्याओं के इलाज के लिए ओपीडी पहुंच रहे हैं। हालांकि अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की कमी है, फिर भी जनरल चिकित्सक मरीजों का उपचार कर रहे हैं और उन्हें बारिश के मौसम में आवश्यक त्वचा देखभाल के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

किन्हें है अधिक खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित वर्गों में चर्म रोग की संभावना अधिक पाई गई है:
  • डायबिटीज के मरीज
  • बच्चे और बुजुर्ग, जिनकी त्वचा पतली और संवेदनशील होती है
  • जो लोग ज्यादा पसीना बहाते हैं
  • जिनकी पर्सनल हाइजीन कमजोर है
  • जो बारिश में भीगने के बाद देर तक गीले कपड़े पहने रहते हैं

चर्म रोगों के आम लक्षण
  • त्वचा पर लाल दाग या चकत्ते
  • लगातार खुजली या जलन
  • फोड़े-फुंसी, फफोले
  • त्वचा पर सड़न या दुर्गंध
  • पपड़ी आना, खाल उतरना या दरारें पड़ना
  • सफेद धब्बे या रैशेज
  • नाखूनों का रंग उड़ना या टूटना
  • त्वचा के नीचे गांठ, जो दर्द रहित हो

कैसे बचें इन समस्याओं से?
डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल के अनुसार, बारिश में त्वचा की देखभाल नमी और चिपचिपाहट से बचने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने निम्नलिखित सावधानियों की सलाह दी:
भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं
✅ रोजाना स्नान करें, और एंटी-फंगल पाउडर का उपयोग करें
✅ गीले कपड़ों में देर तक न रहें
✅ दूसरों की तौलिया, कपड़े, साबुन या कंघी का इस्तेमाल न करें
✅ अगर संक्रमण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
✅ प्रतिदिन 3–4 लीटर पानी पिएं
✅ मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें
✅ शरीर को साफ रखें, लेकिन नहाते समय अत्यधिक रगड़ें नहीं
✅ बहुत गर्म या तीखे खाद्य पदार्थों से परहेज करें

स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जहां डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, वहीं चर्म रोगों को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। नमी और गंदगी फंगल संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बनती है, इसलिए विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहना चाहिए।

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