क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत इंस्टाग्राम अकाउंट “स्पार्क रीडिंग सर्कल” पर किए गए एक पोस्ट से हुई। पोस्ट में कथित तौर पर दावा किया गया था कि परिसर में “प्री-कश्मीर” शीर्षक से कुनान-पोशपोरा घटना पर चर्चा आयोजित की जाएगी।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ऋषिकेश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि इस पोस्ट से संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और भ्रम की स्थिति पैदा हुई। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था और उसका उक्त सोशल मीडिया अकाउंट से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस और एबीवीपी का रुख
सरजापुर पुलिस के अनुसार, पोस्ट से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद कार्यकर्ता परिसर में पहुंचे और हंगामा किया। शिकायत के आधार पर इंस्टाग्राम पेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कहा कि प्रशासनिक अनुमति के बिना परिसर में किसी कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, परिषद का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को विश्वविद्यालय की आंतरिक प्रक्रियाओं, जैसे अनुशासनात्मक समिति, के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि सीधे आपराधिक मामला दर्ज कर।
छात्रों की आपत्ति
छात्रों का कहना है कि परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर हंगामा करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर जमानती धाराएं लगाई गईं, जबकि शांतिपूर्ण सभा आयोजित करने वाले छात्रों पर धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज किया गया है।
छात्र समुदाय का तर्क है कि विश्वविद्यालय में इतिहास, राजनीति और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर खुले विमर्श को प्रोत्साहित किया जाता है। ऐसे में छात्रों के खिलाफ आपराधिक एफआईआर दर्ज करना अकादमिक स्वतंत्रता और बौद्धिक बहस की भावना को कमजोर करता है। छात्रों ने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने और मामले को आंतरिक स्तर पर सुलझाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है।
1 thought on “अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद, इंस्टाग्राम पेज के खिलाफ एफआईआर”