बोलता सच,प्रयागराज : करछना थाना क्षेत्र के धरवारा गांव में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों की पिटाई से घायल फौजी की इलाज के दौरान दूसरे दिन मौत हो गई। वह चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी पर घर आए थे। शनिवार देर रात गांव के पास स्कॉर्पियो सवार युवकों से उनका विवाद हो गया, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें बेरहमी से पीटा और मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में विवेक को लखनऊ के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
धरवारा गांव निवासी 28 वर्षीय विवेक सिंह, पुत्र उमाकांत सिंह, आर्मी के इंटेलिजेंस विभाग में तैनात थे और इन दिनों दिल्ली में उनकी पोस्टिंग थी। 29 नवंबर की रात कोहड़ार से लौटते समय धरवारा मोड़ पर स्कॉर्पियो सवार कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। इसके बाद हमलावरों ने विवेक को बुरी तरह मारपीट कर अधमरा छोड़ दिया। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। परिजनों ने उन्हें पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
विवेक दो भाइयों में छोटे थे। उनकी शादी तीन साल पहले हुई थी और उनका एक दो साल का बेटा है।
शादी का माहौल मातम में बदला
29 नवंबर को विवेक के चाचा की बेटी की शादी थी। शादी में शामिल होने के लिए ही वह घर आए थे। रात में कोहड़ार से वापस लौटते समय ओवरटेक को लेकर स्कॉर्पियो सवार लोगों से विवाद हुआ, जिसके बाद उन पर हमला कर दिया गया। हमला करने वालों का संबंध नैनी के चाका क्षेत्र से बताया जा रहा है। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
विवेक की मौत से शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
इसको भी पढ़ें : कर्म, फल और ग्रहों का रहस्य — शास्त्रों की दृष्टि में जीवन का सत्य
➤ You May Also Like























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































3 thoughts on “ओवरटेक विवाद में फौजी की हत्या, शादी का घर मातम में बदला”