जानकारी के अनुसार, सैय्यद चौराहे पर ‘हिन्द बलि शाह’ नामक लगभग 70 साल पुरानी दरगाह स्थित है, जहां दिलीप शाह, राजू शाह, अशोक शाह और टिंचू शाह सेवा कार्य करते हैं। दरगाह के पीछे बनी एक कोठरी को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। पड़ोसी दुकानदार की शिकायत पर मंगलवार दोपहर राजस्व विभाग की टीम कानूनगो और लेखपाल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर से कोठरी को गिरा दिया।
कार्रवाई के दौरान विरोध और नारेबाजी
जैसे ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, दरगाह से जुड़े मौलवी और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख एसीपी सहित भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
साजिश का आरोप
नुनिहाई निवासी नवाजी शाह ने आरोप लगाया कि पड़ोसी दुकानदार कल्याणदास गुप्ता पिछले चार महीनों से अपने प्रतिष्ठान का निर्माण करा रहे थे और दरगाह की कोठरी हटाने का दबाव बना रहे थे। उनका दावा है कि कोठरी हटाने के बदले पांच लाख रुपये की पेशकश की गई थी। विरोध करने पर कथित रूप से फर्जी शिकायतें देकर साजिश के तहत प्रशासन से कोठरी तुड़वा दी गई। उनका कहना है कि दरगाह और कोठरी वर्षों से मौजूद हैं और यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है।
दूसरे पक्ष का दावा—अवैध निर्माण
वहीं, दूसरे पक्ष के कल्याणदास गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दरगाह करीब 25 वर्ष पुरानी है और इसके पीछे बनी कोठरी का निर्माण वर्ष 2021 में अवैध रूप से कराया गया था। उन्होंने दावा किया कि दरगाह से जुड़े लोग कोठरी हटाने के नाम पर उनसे पैसे मांग रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी, जिसके बाद एसडीएम एत्मादपुर के निर्देश पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई की।
प्रशासन और पुलिस का बयान
एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह ने बताया कि सड़क पर अवैध रूप से बनी कोठरी को हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी गई थी और नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई की गई। वहीं, एसीपी छत्ता-कोतवाली लिंक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्रवाई की पूर्व सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। विवाद की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया।
फिलहाल इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी है और प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।