बोलता सच,उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश सरकार की लागू की गई बिजली राहत योजना को आगरा में टोरंट पावर ने लागू करने से असमर्थता जताई है। कंपनी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भेजे पत्र में कहा है कि बिना किसी स्पष्ट प्रतिपूर्ति तंत्र के उपभोक्ताओं को दी जाने वाली छूट को लागू करना उनके लिए वित्तीय रूप से संभव नहीं है।
टोरंट पावर के उपाध्यक्ष संजय कुमार ने लिखा कि कंपनी उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ऐसे में कोई भी छूट तभी दी जा सकती है, जब सरकार प्रतिपूर्ति की स्पष्ट प्रक्रिया बताए।
कंपनी का सवाल— प्रतिपूर्ति मिलेगी या नहीं?
टोरंट ने अपने पत्र में सरकार से दो प्रमुख बातें स्पष्ट करने को कहा—
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क्या टोरंट पावर को छूट की प्रतिपूर्ति मिलेगी?
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यदि मिलेगी तो दावा दाखिल करने की विस्तृत प्रक्रिया बताई जाए।
कंपनी ने कहा कि योजना 1 दिसंबर से लागू होनी है, इसलिए तत्काल उत्तर देना आवश्यक है।
विरोध तेज, टोरंट का करार रद्द करने की मांग
पत्र सामने आते ही विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने टोरंट पावर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर
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टोरंट पावर का करार रद्द करने,
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और बिजली विभाग के निजीकरण प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।
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संघर्ष समिति का आरोप
संघर्ष समिति ने कहा—
“टोरंट पावर का रवैया बताता है कि निजी कंपनियाँ उपभोक्ताओं के हितों की परवाह नहीं करतीं। राहत योजना लागू न करके कंपनी ने अपनी असलियत सामने ला दी है। निजीकरण का विरोध अब और तेज किया जाएगा।”
समिति का कहना है कि इस पूरे मामले से यह स्पष्ट हो गया कि निजी कंपनियों से बिजली उपभोक्ताओं को नुकसान ही होगा, इसलिए निजीकरण की किसी भी पहल का वे कड़ा विरोध करेंगे।
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