कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। असना गांव के पास स्थित तालाब में डूबने से दो महिलाओं की मौत हो गई। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मथौली पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पूजा करने गई थीं मंदिर
मृतकों की पहचान कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पड़ौली ग्राम सभा के टोला ठकुरहीं उर्फ सोनापाकड़ निवासी 40 वर्षीय कुसुमावती देवी पत्नी कमलेश और 40 वर्षीय रीता देवी पत्नी उमेश के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं मंगलवार सुबह असना डीह स्थित काली मंदिर पर पूजा करने गई थीं।
भूत-प्रेत के चक्कर में हुई अनहोनी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में मौजूद अन्य महिलाओं के साथ दोनों किसी अंधविश्वासी ‘खेल’ में शामिल थीं, जिसे ग्रामीण भूत-प्रेत से जोड़कर देख रहे हैं। इसी दौरान पता नहीं चला कि दोनों कब पास के बड़े तालाब में चली गईं और डूब गईं। जब तक अन्य महिलाओं को इस बात का एहसास हुआ, तब तक देर हो चुकी थी।
शव देखकर मचा कोहराम
कुछ देर बाद ग्रामीणों ने तालाब में दो शवों को तैरते देखा। शोर मचते ही लोग दौड़ पड़े। तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई और महिलाओं को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कुसुमावती अपने पीछे पति कमलेश, बड़ी बेटी सुष्मिता, बेटा नितिन और छोटी बेटी श्वेता को छोड़ गई हैं। वहीं, रीता देवी के परिवार में पति उमेश और दो बेटे विशाल व विवेक हैं। दोनों परिवारों के बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में गम का माहौल
घटना की जानकारी पूरे इलाके में फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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