बोलता सच,तरकुलवा (देवरिया)। थाना क्षेत्र के एक गांव की रहस्यमय ढंग से लापता हुईं दो नाबालिग बहनें आखिरकार शुक्रवार को सकुशल अपने घर लौट आईं। दोनों के सुरक्षित पहुंचने की खबर से परिवार और पूरे गांव में राहत की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, तरकुलवा थाना क्षेत्र निवासी एक मजदूर परिवार की 13 वर्षीय बड़ी और 11 वर्षीय छोटी बेटी बंजरिया स्थित एक कान्वेंट स्कूल में पढ़ती हैं। बीते 24 अक्तूबर की सुबह करीब 7:30 बजे दोनों बहनें रोज की तरह स्कूल वैन से पढ़ने गई थीं। बताया गया कि स्कूल की छुट्टी के बाद जब अन्य बच्चे घर लौट आए, तो दोनों बहनें घर नहीं पहुंचीं। जब देर शाम तक वे नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अंततः दोनों की मां ने तरकुलवा थाने में तहरीर देकर बेटियों के अपहरण की आशंका जताई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चलाया।
इसी बीच 25 अक्तूबर को दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दोनों बहनें मिलीं। स्टेशन पर मौजूद जीआरपी (Government Railway Police) ने बच्चियों को संरक्षण में लेकर बाल संरक्षण गृह भेज दिया और इस संबंध में स्थानीय तरकुलवा पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और परिजन दिल्ली रवाना हुए, लेकिन त्योहारों के कारण कोर्ट बंद होने से बच्चियों को उसी समय वापस नहीं लाया जा सका। पुलिस और परिवारजन को लौटना पड़ा। बाद में छुट्टियां समाप्त होने के बाद, जब कोर्ट खुला, तो पुलिस टीम पुनः दिल्ली पहुंची। वहां आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों बहनों को अपनी अभिरक्षा में लेकर देवरिया वापस लौट आई। देवरिया पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया और बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया।
थाना प्रभारी मृत्युंजय राय ने बताया कि, “दोनों बहनें सकुशल हैं। मेडिकल जांच और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए जाने के बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया है। आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि वे दिल्ली कैसे पहुंचीं।”
दोनों बहनों के सुरक्षित लौट आने से परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग पुलिस की तत्परता और प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
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