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उत्तर प्रदेश बनेगा वाइल्ड लाइफ टूरिज्म हब, चार टाइगर रिजर्व व 10 रामसर साइट्स के एकीकृत विकास के निर्देश

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Uttar Pradesh will become a wildlife

बोलता सच,लखनऊ: उत्तर प्रदेश के चारों टाइगर रिजर्व, 10 रामसर साइट्स और दर्जनों वेटलैंड के एकीकृत विकास के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश को वाइल्ड लाइफ और इको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस रणनीति पर काम शुरू हो गया है। इस संबंध में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना की संयुक्त बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन तेजी से नए आयाम गढ़ रहा है। बदलते परिदृश्य में समग्र पर्यटन विकास, रिस्पांसिबल टूरिज्म और वन एवं पर्यावरण विभाग के समन्वय की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि सरकार समस्या नहीं, समाधान की सोच के साथ पर्यटन को एकीकृत और भविष्य केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़ा रही है।


टाइगर रिजर्व और रामसर साइट्स होंगे विश्वस्तरीय इको डेस्टिनेशन

बैठक में दुधवा, पीलीभीत, अमानगढ़ और रानीपुर टाइगर रिजर्व को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही प्रदेश की 10 प्रमुख रामसर साइट्स—नवाबगंज (उन्नाव), पार्वती आर्गा (गोंडा), समान (मैनपुरी), समसपुर (रायबरेली), सांडी (हरदोई), सरसई नावर (इटावा), सूर सरोवर (आगरा), ऊपरी गंगा नदी (ब्रजघाट से नरौरा), बखिरा वन्यजीव अभ्यारण्य (संत कबीर नगर) और हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर)—के समग्र विकास पर चर्चा हुई।

इन स्थलों पर प्रवेश द्वार, नेचर ट्रेल, वॉच टावर, साइनेज, कॉटेज, कैंटीन, स्वागत कक्ष, आरओ प्लांट जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए वित्तीय प्रावधानों पर प्रस्तुति दी गई। साथ ही गाइड, ड्राइवर और हॉस्पिटैलिटी स्टाफ के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने तथा उन्नत साइनेज लगाने पर भी सहमति बनी।


52 वेटलैंड चिन्हित, बर्ड सर्किट पर होगा फोकस

प्रदेश में वेटलैंड आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन और वन विभाग मिलकर ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। इसके तहत 52 वेटलैंड चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें एकीकृत पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा।

बर्ड सर्किट के अंतर्गत सूर सरोवर (आगरा), शेखा झील (अलीगढ़), रपड़ी वेटलैंड (फिरोजाबाद), सरसई नावर (इटावा) और लाख बहोसी वेटलैंड (कन्नौज) के समग्र विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बरेली के नगर वन और कन्नौज के लाख बहोसी पक्षी विहार को विशेष रूप से विकसित करने की योजना है।


इको-टूरिज्म से रोजगार और संरक्षण को बढ़ावा

वन राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे वैश्विक पर्यटन आकर्षण बनाना सरकार का लक्ष्य है। इको-टूरिज्म से स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और प्रकृति संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी मजबूत होगी।

बैठक में चंदौली के राजदरी-देवदरी वाटरफॉल में इको-टूरिज्म सुविधाओं के संचालन व रखरखाव, किसी रामसर साइट पर बर्ड फेस्टिवल के आयोजन और गोरखपुर प्राणी उद्यान में एम्फीथियेटर, कैंटीन व पार्किंग जैसी सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की गई।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर से सटे ओखला बर्ड सैंक्चुअरी में साइनेज और ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर पक्षी विहार में पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इन स्थलों पर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, इसलिए इनका विकास सरकार की प्राथमिकता है।


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