Breaking News

रांची में विराट के 52वें शतक ने दिलाई ऐतिहासिक पहचान, गावस्कर बोले— “वनडे में कोहली ही सबसे महान”

Bolta Sach News
|
Virat's 52nd century in Ranchi
बोलता सच,क्रिकेट : महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर अक्सर क्रिकेटरों की तुलना करते समय बेहद सावधानी बरतते हैं और शायद ही किसी की इतनी खुलकर प्रशंसा करते हों, लेकिन रांची वनडे में विराट कोहली की 52वीं अंतरराष्ट्रीय शतकीय पारी ने पूर्व भारतीय कप्तान को भी कोहली के कद और योगदान पर बेबाक बोलने पर मजबूर कर दिया। गावस्कर के अनुसार, वनडे क्रिकेट में कोहली अब उस ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं, जहां सिर्फ कुछ ही महान खिलाड़ी कभी पहुंचे हैं। रविवार को उन्होंने विराट कोहली को अब तक का सबसे महान वनडे क्रिकेटर करार दिया और कहा कि उनके शतक का यह विश्व रिकॉर्ड इस फॉर्मेट में उनके अद्वितीय दर्जे को साबित करता है।
रविवार को खेले गए मैच में कोहली ने 120 गेंदों पर शानदार 135 रन बनाए, जिसकी मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में आठ विकेट पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गावस्कर ने ‘जियोस्टार’ से कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई दो राय है। यह सिर्फ मेरी राय नहीं, बल्कि जिन खिलाड़ियों ने उनके साथ और खिलाफ खेला है, वे भी मानते हैं कि कोहली वनडे फॉर्मेट के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 52 शतक कोहली को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा देते हैं। भारत के पूर्व कप्तान ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग ने भी कोहली की महानता स्वीकार की है। गावस्कर ने कहा, “मैंने सुना कि रिकी पोंटिंग ने कहा कि उन्होंने जिन बल्लेबाजों को खेलते देखा है, उनमें कोहली सबसे बेहतरीन वनडे खिलाड़ी हैं। जब कोई ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इस तरह तारीफ करे तो बहस की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तारीफ मिलना बहुत बड़ी बात है।”
सचिन तेंदुलकर की तुलना पर गावस्कर बोले कि एक दौर में ये माना जाता था कि सचिन के 51 वनडे शतकों को कोई पार नहीं कर पाएगा, लेकिन कोहली की उपलब्धि बताती है कि वह किस स्तर पर खड़े हैं। उन्होंने कहा, “जब आप महान सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हैं, तो आपकी महानता खुद-ब-खुद साबित हो जाती है।”
दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड द्वारा हाल ही में भारत के ‘ग्रोवेल’ यानी घुटने पर लाने वाली टिप्पणी पर गावस्कर ने कहा कि ये बयान गलत सलाह और गलत समय पर दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता माफी की जरूरत है, लेकिन हां—यह स्वीकार करना और इसे सुधारना जरूरी है। जोश में कोई भी बहक सकता है। पिछले तीन दशकों से भारत और दक्षिण अफ्रीका के मजबूत क्रिकेट संबंधों को देखते हुए, मुझे लगता है कि कोच सिर्फ यह स्पष्ट करें कि वह बहक गए थे।”

इसको भी पढ़ें : देवरिया :अनोखी शादी जब फावड़ा हुआ बेरोज़गार: मठकोड़वा में जेसीबी ने संभाला मोर्चा

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply