बोलता सच : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम गोरखपुर में निर्माणाधीन उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UP SSF) की द्वितीय वाहिनी का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा से पहले निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जून के बाद प्रदेश में बरसात का दौर शुरू हो जाता है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि अक्टूबर 2026 की निर्धारित समय सीमा से चार माह पहले, यानी जून 2026 तक सभी प्रमुख भवन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएं।
मॉडल व निर्माण स्थल का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पहले एसएसएफ परिसर का मॉडल देखा और फिर मौके पर जाकर निर्माण की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वाहिनी की क्षमता, परिसर की संरचना, कार्य की गति और तैनात मैनपॉवर के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि एसएसएफ द्वितीय वाहिनी की कुल क्षमता 1000 जवानों की होगी और वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 10 प्रतिशत है। साइट पर लगभग 500 श्रमिक काम कर रहे हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि बहुमंजिला आवासीय टावरों सहित अधिकतर कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “कार्य की गति और बढ़ाई जाए, ताकि बरसात के कारण बाद में रुकावट न आए।”
मिट्टी की कमी दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि साइट लो-लैंड क्षेत्र में होने के कारण भराई के लिए मिट्टी उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी दीपक मीणा को तत्काल बुलाया और निर्देश दिया कि आसपास के नालों व नदियों की ड्रेजिंग कराकर जल्द से जल्द मिट्टी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अंतिम भराई से पहले मैक्सिमम फ्लड लेवल की वैज्ञानिक जांच अवश्य की जाए, ताकि भविष्य में परिसर जलभराव की समस्या से मुक्त रहे।
जलभराव रोकने के लिए पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव
ताल जहदा क्षेत्र के भू-भाग के नीचा होने के कारण जलभराव की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि मानीराम तटबंध पर रेगुलेटर के पास एक पंपिंग स्टेशन बनाया जाए, ताकि बारिश के समय अतिरिक्त पानी तेजी से निकाला जा सके। मुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण में पिपराइच, गोरखपुर ग्रामीण और सहजनवा के विधायक, जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
343 करोड़ की लागत से बन रहा अत्याधुनिक परिसर
गोरखपुर के ताल जहदा क्षेत्र में एसएसएफ की दूसरी बटालियन का निर्माण 50.157 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 343 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
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आवासीय भवनों के लिए: 186.33 करोड़ रुपये
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अनावासीय भवनों के लिए: 156.39 करोड़ रुपये
निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (भवन शाखा) के माध्यम से कराया जा रहा है।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा पूरा परिसर
यह परिसर उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक सुरक्षा परिसरों में शामिल होगा। निर्माणाधीन संरचनाओं में शामिल हैं—
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लिफ्ट युक्त टाइप A और B आवासीय भवन (ग्राउंड + 13 फ्लोर)
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टाइप 4 और 5 के बहुमंजिला आवास
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लिफ्टयुक्त प्रशासनिक भवन (ग्राउंड + 4 फ्लोर)
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क्वार्टर गार्ड, पार्किंग, संतरी पोस्ट, अस्पताल
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इंडोर जिम, डॉग केनेल, टॉयलेट ब्लॉक
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400 जवानों की क्षमता का विशाल बैरक
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सलामी मंच और भव्य परेड ग्राउंड
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
निर्माण कार्य 21 जून 2024 को प्रारंभ हुआ था। टॉवर A और B को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
एसएसएफ का गठन और वर्तमान जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2020 में अदालतों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु यूपी एसएसएफ का गठन किया था। जून 2021 में लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा और सहारनपुर में पांच वाहिनियाँ स्थापित की गईं। बाद में छठी वाहिनी अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा के लिए गठित हुई।
गोरखपुर की द्वितीय वाहिनी वर्तमान में गोरखपुर और कुशीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रही है और फिलहाल पीएसी कैंपस से अपना संचालन कर रही है।
एसएसएफ परिसर तक तैयार हो रहा एप्रोच मार्ग
सरकार ने परिसर तक पहुंच आसान बनाने के लिए 2 किमी लंबा एप्रोच मार्ग भी स्वीकृत किया है, जिसकी लागत 23.73 करोड़ रुपये है। यह कार्य 18 मार्च 2025 को शुरू हुआ और अब तक 30% पूरा हो चुका है। इसे मार्च 2026 तक तैयार कर दिए जाने की उम्मीद है।
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