मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जो तेज, पारदर्शी और जन-केंद्रित हो। प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान और विवाद राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को समाधान-प्रधान नीति अपनानी चाहिए, जिससे विभाग को राजस्व मिले और आवंटियों को भी वास्तविक राहत मिले।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू ओटीएस-2020 के तहत बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ था, लेकिन कोविड-19 के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर सके। विभाग ने प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत ब्योरा मुख्यमंत्री के सामने रखा।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि ओटीएस-2026 को पहले से अधिक व्यावहारिक और लाभकारी बनाया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए, वहीं जरूरतमंदों के लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का मूल उद्देश्य आम आदमी को राहत देना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए। नई योजना लागू होने से जहां हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी, वहीं विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता तक इसकी जानकारी सक्रिय रूप से पहुंचाई जाए, ताकि सभी पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने जोर दिया कि योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए।
1 thought on “योगी सरकार लाएगी ‘ओटीएस-2026’, लंबित आवासीय-व्यावसायिक आवंटनों को मिलेगा त्वरित समाधान”