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राष्ट्रपति के बंगाल दौरे पर विवाद: मायावती ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, ममता सरकार को दी नसीहत

Bolta Sach News
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Controversy over President's visit to Bengal
बोलता सच,लखनऊ। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर अब बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संवैधानिक पदों के सम्मान पर जोर दिया और पश्चिम बंगाल सरकार को ऐसी घटनाओं से बचने की नसीहत दी।
बसपा प्रमुख Mayawati ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की आदर्श परंपरा और गरिमा के अनुसार सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सर्वोच्च संवैधानिक पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की राष्ट्रपति Droupadi Murmu एक महिला होने के साथ-साथ आदिवासी समाज से भी आती हैं। ऐसे में उनके पद और व्यक्तित्व का सम्मान और अधिक संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, वह नहीं होना चाहिए था और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बसपा सुप्रीमो ने अप्रत्यक्ष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को सलाह देते हुए कहा कि राज्य सरकार को भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए। उनका कहना था कि संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।
मायावती ने इस दौरान संसद से जुड़े हालिया विवादों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से संसद में, खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद को लेकर भी राजनीति हो रही है, जो उचित नहीं है। उनका कहना था कि सभी दलों को संवैधानिक पदों का सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की गरिमा और मर्यादा का भी सभी को ध्यान रखना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं और पदों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार से लोकतंत्र और मजबूत होता है। मायावती ने उम्मीद जताई कि संसद का आगामी सत्र देश और जनहित के मुद्दों पर सार्थक तरीके से चलेगा।
दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति Droupadi Murmu के पश्चिम बंगाल दौरे से जुड़ा है। वह आदिवासी समाज से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्य पहुंची थीं। आरोप है कि प्रोटोकॉल के अनुसार उनके स्वागत के लिए न तो मुख्यमंत्री Mamata Banerjee मौजूद थीं और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल में भी बदलाव किए जाने को लेकर चर्चा हुई।
बताया जाता है कि इस घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रपति ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। वहीं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी एक कार्यक्रम के दौरान दुख व्यक्त किया। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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