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देवरिया में होली पर शराब की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड, आठ करोड़ से अधिक का राजस्व

Bolta Sach News
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Sale of liquor on Holi in Deoria
बोलता सच,देवरिया : देवरिया जिले में इस वर्ष होली के त्योहार के दौरान शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बना दिया। आबकारी विभाग के अनुसार होली के आसपास के दिनों में जिले में शराब की बिक्री से आठ करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। त्योहार के माहौल में जहां बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर रही, वहीं शराब की दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
होली के एक-दो दिन पहले से ही देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। कई स्थानों पर ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दुकानदारों के अनुसार त्योहार के कारण बिक्री में अचानक तेजी आई और कई दुकानों पर स्टॉक भी जल्दी खत्म हो गया, जिसके चलते बार-बार नया माल मंगवाना पड़ा।
आबकारी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल बिक्री में करीब तीन करोड़ रुपये की देसी शराब की बिक्री हुई, जबकि लगभग चार करोड़ रुपये की अंग्रेजी शराब की बिक्री दर्ज की गई। इसके अलावा शेष राजस्व बीयर की दुकानों से प्राप्त हुआ है। जिला आबकारी अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि इस बार अंग्रेजी शराब की बिक्री में खासा इजाफा देखने को मिला है। आमतौर पर त्योहारों के दौरान देसी शराब की मांग ज्यादा रहती थी, लेकिन इस बार अंग्रेजी शराब की बिक्री अपेक्षा से अधिक रही।
अधिकारियों के अनुसार गर्मी का मौसम शुरू होने के कारण बीयर की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ इतनी अधिक थी कि स्टॉक जल्दी खत्म हो गया और दुकानदारों को बार-बार नया माल मंगवाना पड़ा। इससे बीयर की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आबकारी विभाग का मानना है कि होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों और शहरों से अपने गांव लौटे थे। इनमें से कई लोग अंग्रेजी शराब के शौकीन थे, जिससे इसकी खपत में वृद्धि हुई। इसके अलावा अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन की सख्ती और लगातार चल रही छापेमारी का भी असर देखने को मिला। अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण के कारण इस बार अधिकांश खरीदारी लाइसेंसी दुकानों से ही हुई, जिससे राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इस बीच जिले में शराब की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। इसे लेकर दुकानदारों में कुछ चिंता भी देखी जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि यदि पड़ोसी राज्य बिहार में शराबबंदी समाप्त होती है तो सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब खरीदने आने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे बिक्री पर असर पड़ने की संभावना है।
देवरिया जिले में फिलहाल 189 देसी शराब की दुकानें, 152 कंपोजिट दुकानें, पांच मॉडल शॉप और करीब एक दर्जन भांग की दुकानें संचालित हो रही हैं। होली के अवसर पर भांग की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली और उनकी बिक्री में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कुल मिलाकर इस बार होली का त्योहार आबकारी विभाग और शराब कारोबारियों के लिए राजस्व के लिहाज से काफी फायदेमंद साबित हुआ। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान इस तरह की बिक्री से सरकारी खजाने को भी अच्छा राजस्व प्राप्त होता है।

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