पुलिस के अनुसार पकड़ा गया मुख्य आरोपी विवेक दीक्षित है, जो मूल रूप से रेउना थाना क्षेत्र के दरौली गांव का रहने वाला है। दूसरा आरोपी शिवप्रसाद उजनेड़ी गांव का निवासी है। दोनों आरोपी हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहते थे और यहीं से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले कानपुर देहात के गजनेर निवासी अनिल कुमार को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से अष्टधातु की मूर्तियां, पीतल के बर्तन समेत करीब 10 लाख रुपये का सामान और एक बाइक बरामद की गई है।
डीसीपी साउथ रविंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि न्यू आजाद नगर के भीम चौराहा निवासी सुजीत साहू की नौबस्ता थाने के बगल में बर्तन की दुकान है। चार मार्च को सुजीत साहू के पिता राजकुमार साहू सुबह करीब 11:30 बजे दुकान बंद करके घर आराम करने चले गए थे। जब वह दोपहर करीब दो बजे वापस दुकान पहुंचे तो दुकान का सामान बिखरा पड़ा था और गुल्लक खाली मिली।
राजकुमार साहू ने तुरंत इसकी सूचना अपने बेटे को दी। इसके बाद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में दिखाई दिया कि बिना नंबर की बाइक से दो युवक दुकान के पास पहुंचे थे। एक युवक त्रिशूल घुमाते हुए नजर आया, जबकि दूसरा सिर पर गमछा बांधे हुए था। दोनों ने महज पांच मिनट के भीतर दुकान के चार दरवाजों की कुंडी खोल ली और गुल्लक में रखे करीब 25 हजार रुपये नकद के साथ प्लास्टिक की बोरी में बर्तन और छह अष्टधातु की मूर्तियां भरकर फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीन टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने विवेक और शिवप्रसाद को हंसपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान खरीदने वाले अनिल कुमार को उसके घर से पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से राधा-कृष्ण की मूर्ति समेत पांच अष्टधातु की मूर्तियां, पीतल के बर्तन, सिंहासन, दीपक और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।